अब ममता बनर्जी ने कालिदास से की पीएम मोदी की तुलना
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पहले दिन से ही नोटबंदी का विरोध कर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुर्सी से हटा कर केंद्र में लालकृष्ण आडवाणी या किसी दूसरे नेता के नेतृत्व में एक राष्ट्रीय सरकार के गठन की मांग उठाई है। मोदी की तुलना कालिदास से करते हुए ममता ने शुक्रवार को कहा कि देश को बचाने के लिए उनको प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटा दिया जाना चाहिए।
नोटबंदी के खिलाफ तो ममता व उनकी पार्टी पहले से ही आंदोलन की राह पर थी। लेकिन रोज वैली चिटफंड घोटाले में पार्टी के दो सांसदों की गिरफ्तारी के बाद उनके तेवर और उग्र हो गए हैं। इस घोटाले के सिलसिले में अभी पार्टी के कई अन्य सांसदों व विधायकों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। ममता ने कहा कि देश को बचाने के लिए एक राष्ट्रीय सरकार का गठन किया जाना चाहिए। आडवाणी जी, राजनाथ जी या जेटली जी इसका नेतृत्व कर सकते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को जाना ही होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना कालिदास से करते हुए कहा कि वे जिस डाल पर बैठे हैं उसी को काट रहे हैं। उन्होंने नोटबंदी के बाद उपजे हालात के लिए मोदी को ही जिम्मेदार ठहराया। ममता ने राष्ट्रपति से भी देश को बचाने की अपील की।
आखिर क्यों पीएम मोदी पर इतनी सख्त ममता?
इस सप्ताह लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद ममता ने कहा था कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उनकी दलील है कि मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से ही सीबीआई तृणमूल कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है। वैसे, ममता पहले से ही केंद्र सरकार पर विभिन्न जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने और उनके जरिए विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाती रही हैं।
नोटबंदी का विरोध कर रही तृणमूल कांग्रेस ‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’ का नारा देकर पहली से आठ जनवरी तक राज्य के विभिन्न इलाकों में धरने व प्रदर्शन कर रही है। लेकिन खासकर सांसद सुदीप की गिरफ्तारी के बाद पार्टी का रुख और आक्रामक हुआ है। इन गिरफ्तारियों के बाद भाजपा के दफ्तरों व नेताओं पर हमले के अलावा रेल और सड़कों को अवरुद्ध करने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं।