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पीएम घमंडी हैं, लोकतंत्र में मनमानी नहीं चलेगी : मुलायम
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजीपुर
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:34 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री पर बड़ा हमला करते हुए उन्हें घमंडी बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को लेकर देशभर में लोगों को परेशानी हो रही है। यह किसान और व्यापारी के खिलाफ साजिश है। किसान-व्यापारी सगे भाई हैं। बगैर तैयारी के नोटबंदी करके केंद्र सरकार ने किसान, व्यापारी, जवान और गरीबों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने अगर इनकी उपेक्षा की तो देश कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि पता नहीं प्रधानमंत्री की क्या सोच है। कहते हैं ईमानदार और गरीब सुख की नींद सो रहा है लेकिन यहां तो सब परेशान हैं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी घमंडी हैं। केंद्र सरकार किसी की नहीं सुन रही। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में मनमानी नहीं चलेगी। जनता अनपढ़ और गरीब जरूर है लेकिन समझदार है। घमंड करने वाले का सिर नीचा होता है। उसका क्या हश्र होता है, इमरजेंसी लगाने वालों को जनता ने दिखा दिया था।
बुधवार को यहां के आरटीआई मैदान से पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सपा सुप्रीमो ने मोदी के अलावा रैली में सपा के अंदर चल रही गुटबाजी पर भी खुले शब्दों में चेताया कि कुछ लोग सपा को कमजोर करना चाहते हैं, कार्यकर्ता उनके मंसूबे फेल कर देना। रैली में मुलायम कांग्रेस और बसपा पर एक शब्द भी नहीं बोले। सपा अध्यक्ष ने सीमा पर शहीद हो रहे जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के मामले पूरा देश एक है। पाकिस्तान की इतनी हिम्मत कैसे पड़ रही है। केंद्र को इस मुद्दे पर सबसे बात करनी चाहिए।
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लोकबंधु राजनरायन की 100वीं जयंती के मौके पर मुलायम सिंह रैली में सबसे अधिक पार्टी में चल रही गुटबाजी पर बोले। उन्होंने कहा कि कानाफूसी करने वालों से सावधान रहें। ऐसे लोगों को बेनकाब करें, जिसकी गलती हो, अनुशासन में रहकर उसे बताएं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी में ऐसे लोग भी हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी व्यक्ति के समर्थक होने के बजाय पार्टी को मजबूत करें। चुनाव नजदीक हैं, पार्टी को भारी बहुमत से जिताएं। जनता सब कुछ समझती है। जनता से ज्यादा होशियार कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि बोलने को बहुत कुछ है लेकिन हम पार्टी को मजबूत चाहते हैं। आगे नौजवानों को ही सत्ता और पार्टी संभालनी है। रैली में सपा प्रमुख ने खुलकर बोलने के लिए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह की तारीफ की। मंच पर बैठे अफजाल अंसारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अफजाल और मुख्तार अंसारी के पार्टी में आने से पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा मजबूत हुई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। रैली को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, शिवपाल के पुत्र और कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अध्यक्ष आदित्य यादव ने भी सभा को संबोधित किया।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी घमंडी हैं। केंद्र सरकार किसी की नहीं सुन रही। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में मनमानी नहीं चलेगी। जनता अनपढ़ और गरीब जरूर है लेकिन समझदार है। घमंड करने वाले का सिर नीचा होता है। उसका क्या हश्र होता है, इमरजेंसी लगाने वालों को जनता ने दिखा दिया था।
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बुधवार को यहां के आरटीआई मैदान से पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सपा सुप्रीमो ने मोदी के अलावा रैली में सपा के अंदर चल रही गुटबाजी पर भी खुले शब्दों में चेताया कि कुछ लोग सपा को कमजोर करना चाहते हैं, कार्यकर्ता उनके मंसूबे फेल कर देना। रैली में मुलायम कांग्रेस और बसपा पर एक शब्द भी नहीं बोले। सपा अध्यक्ष ने सीमा पर शहीद हो रहे जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के मामले पूरा देश एक है। पाकिस्तान की इतनी हिम्मत कैसे पड़ रही है। केंद्र को इस मुद्दे पर सबसे बात करनी चाहिए।
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लोकबंधु राजनरायन की 100वीं जयंती के मौके पर मुलायम सिंह रैली में सबसे अधिक पार्टी में चल रही गुटबाजी पर बोले। उन्होंने कहा कि कानाफूसी करने वालों से सावधान रहें। ऐसे लोगों को बेनकाब करें, जिसकी गलती हो, अनुशासन में रहकर उसे बताएं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी में ऐसे लोग भी हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी व्यक्ति के समर्थक होने के बजाय पार्टी को मजबूत करें। चुनाव नजदीक हैं, पार्टी को भारी बहुमत से जिताएं। जनता सब कुछ समझती है। जनता से ज्यादा होशियार कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि बोलने को बहुत कुछ है लेकिन हम पार्टी को मजबूत चाहते हैं। आगे नौजवानों को ही सत्ता और पार्टी संभालनी है। रैली में सपा प्रमुख ने खुलकर बोलने के लिए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह की तारीफ की। मंच पर बैठे अफजाल अंसारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अफजाल और मुख्तार अंसारी के पार्टी में आने से पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा मजबूत हुई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। रैली को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, शिवपाल के पुत्र और कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अध्यक्ष आदित्य यादव ने भी सभा को संबोधित किया।
मुलायम के समाने ही एक- दूसरे पर बरसीं कुर्सियां
जिला मुख्यालय स्थित आरटीआई मैदान में मुलायम सिंह यादव के सामने ही उपद्रव शुरू हो गया। रैली में शामिल सीधी सिपाही भर्ती 2015-16 के युवाओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां बरसानी शुरू कर दीं। जमकर लात-घूंसे भी चले। ऐसा तब हुआ जब युवकों से सीधी भर्ती का बैनर हटाने के लिए जोर-जबरदस्ती की गई। उधर, उपद्रव के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। भीड़ और युवकों को शांत करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मंचासीन होते ही युवक सीधी पुलिस भर्ती की प्रक्रिया में मेडिकल पूर्ण कराने की मांग करने लगे। सभा स्थल पर मंच के ठीक सामने सैकड़ों की संख्या में खड़े युवक अपनी बात मुलायम सिंह यादव तक पहुंचाना चाह रहे थे लेकिन उनको बार-बार शांत रहने को कहा जा रहा था। कुछ लोग जोर-जबरदस्ती करने लगे और सीधी पुलिस भर्ती का बैनर को नीचे करने को कहा। इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भीड़ में मौजूद सपा कार्यकर्ता तथा सीधी भर्ती से जुड़े युवक आपस में भिड़ गए।
पहले एक-दूसरे पर लात-घूसे से प्रहार किए। इसके बाद बैठने के लिए रखी कुर्सियां एक-दूसरे के उपर फेंकने लगे। प्रदेश महासचिव ओम प्रकाश सिंह के काफी प्रयास के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। घेरे के बाहर खड़ी पुलिस भी पूरी तरह से मूकदर्शक बनी रही। युवक बार-बार अखिलेश यादव के नारे लगाते रहे। साथ ही पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग करते रहे। आलम यह रहा कि मारपीट के दौरान अफरातफरी की तरफ किसी का ध्यान न जाए इसके लिए मंच से सपा नेता मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
..और मच गई होर्डिंग उखाड़ने की होड़
गाजीपुर। मुलायम सिंह यादव के रैली की तरफ जाने वाले मार्ग और रैलीस्थल पूरी तरह से झंडा-बैनर और पोस्टर से अटे पड़े थे। बुजुर्ग, युवा और बच्चे भी झंडा लहराते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। जैसे ही कार्यक्रम समाप्त हुआ, बड़े-बुजुर्ग और बच्चों में होर्डिंग और पोस्टर को उतारने-नोंचने की होड़ मच गई।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के मंचासीन होते ही युवक सीधी पुलिस भर्ती की प्रक्रिया में मेडिकल पूर्ण कराने की मांग करने लगे। सभा स्थल पर मंच के ठीक सामने सैकड़ों की संख्या में खड़े युवक अपनी बात मुलायम सिंह यादव तक पहुंचाना चाह रहे थे लेकिन उनको बार-बार शांत रहने को कहा जा रहा था। कुछ लोग जोर-जबरदस्ती करने लगे और सीधी पुलिस भर्ती का बैनर को नीचे करने को कहा। इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भीड़ में मौजूद सपा कार्यकर्ता तथा सीधी भर्ती से जुड़े युवक आपस में भिड़ गए।
पहले एक-दूसरे पर लात-घूसे से प्रहार किए। इसके बाद बैठने के लिए रखी कुर्सियां एक-दूसरे के उपर फेंकने लगे। प्रदेश महासचिव ओम प्रकाश सिंह के काफी प्रयास के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। घेरे के बाहर खड़ी पुलिस भी पूरी तरह से मूकदर्शक बनी रही। युवक बार-बार अखिलेश यादव के नारे लगाते रहे। साथ ही पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग करते रहे। आलम यह रहा कि मारपीट के दौरान अफरातफरी की तरफ किसी का ध्यान न जाए इसके लिए मंच से सपा नेता मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
..और मच गई होर्डिंग उखाड़ने की होड़
गाजीपुर। मुलायम सिंह यादव के रैली की तरफ जाने वाले मार्ग और रैलीस्थल पूरी तरह से झंडा-बैनर और पोस्टर से अटे पड़े थे। बुजुर्ग, युवा और बच्चे भी झंडा लहराते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। जैसे ही कार्यक्रम समाप्त हुआ, बड़े-बुजुर्ग और बच्चों में होर्डिंग और पोस्टर को उतारने-नोंचने की होड़ मच गई।