उपलब्धि: पिनाका रॉकेट के अपग्रेड वर्जन का सफल परीक्षण, जानें इस स्वदेशी इस हथियार के बारे में सबकुछ
पिनाका से नजदीक दुश्मन टारगेट को ध्वस्त किया जा सकता है। इससे छोटी रेंज की इन्फैंट्री, आर्टिलरी और हथियार युक्त वाहनों को निशाना बनाया जाता है।
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भारत ने शनिवार को रॉकेट सिस्टम प्रणाली में नई उपलब्धि हासिल की। बताया जा रहा है कि देश में आज पिनाका एमके-आई इंहैंस्ड रॉकेट सिस्टम-ईपीआरएस और पिनाका एरिया डेनियल मुनिशन रॉकेट सिस्टम का पोखरण रेंज में सफल परीक्षण किया गया। देश के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के मुताबिक, पिछले पखवाड़े में विभिन्न रेंज और युद्धक क्षमताओं के साथ कुल 24 ईपीआरएस रॉकेटों का टेस्ट किया गया। भारत में यह परीक्षण ऐसे दिन किया गया, जब पाकिस्तान ने भी सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-3 का परीक्षण शनिवार को ही किया है।
आइए जानते हैं रॉकेट प्रणाली के बारे में
पिनाका एमके-आई एक अपग्रेटेड रॉकेट प्रणाली है, जिसका पहले भी कई बार सफल परीक्षण किया जा चुका है। डीआरडीओ की टेक्नोलॉजी के आधार पर इन रॉकेट प्रणालियों को विकसित किया गया है। पिनाका एमके-आई रॉकेट प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 45 किलोमीटर है। वहीं, पिनाका-II रॉकेट सिस्टम की मारक क्षमता 60 किलोमीटर है। इस रॉकेट प्रणाली को डीआरडीओ की दो प्रयोगशालाओं आयुध उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) और अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई) ने संयुक्त रूप से डिजाइन किया है।
1980 के दशक में किया था विकसित
पिनाका से नजदीक दुश्मन टारगेट को ध्वस्त किया जा सकता है। इससे छोटी रेंज की इन्फैंट्री, आर्टिलरी और हथियार युक्त वाहनों को निशाना बनाया जाता है। डीआरडीओ ने 1980 के दशक में पिनाका रॉकेट सिस्टम को विकसित करना शुरू किया था। इसके बाद 1990 के आखिर में पिनाक मार्क-वन के सफल परीक्षण ने भारतीय सेना को बड़ी मजबूती प्रदान की। पिनाक सिस्टम की एक बैटरी में छह लान्चिंग वाहन होते हैं। पिनाका-II को एक गाइडेड मिसाइल की तरह तैयार किया गया है।