{"_id":"5b0a99554f1c1b936e8b4e39","slug":"pilot-captain-nishanth-nair-timely-intervention-saves-baby","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैंडिंग में थे 40 मिनट, लेकिन पायलट ने किया ऐसा काम जिससे बच गई चार माह की बच्ची की जान","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
लैंडिंग में थे 40 मिनट, लेकिन पायलट ने किया ऐसा काम जिससे बच गई चार माह की बच्ची की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Updated Sun, 27 May 2018 05:11 PM IST
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दिल्ली टू इंफाल फ्लाइट
- फोटो : File Photo
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केरल के एक पायलट ने चार माह की एक बच्ची की जान बचाकर सबको हैरान कर दिया। बच्ची को बचाने के लिए पायलट ने भुवनेश्वर-बंगलुरू उड़ान को हैदराबाद के लिए बदल दिया। बच्ची के पिता एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करते हैं।
बता दें कि 23 मई को, ओडिशा के रहने वाले सिंगरी सिंह अपनी बेटी, पत्नी पुलसी सिंह और दोस्त सुबल साहू के साथ अपनी बेटी को लेकर विमान से बेंगलुरु के नारायण हुरुयालय अस्पताल ले जा रहे थे। जहां बच्ची के दिल का इलाज होना था। सिंह ने बिस्कुट फैक्ट्री में यूनियन लीडर साहू की मदद से अपनी बेटी के इलाज के लिए धन इकट्ठा किया था।
जब उड़ान की लैंडिंग में सिर्फ 40 मिनट थे तभी बच्ची को सांस लेने में समस्या आई। लेकिन जब एयर एशिया के कमांडर कप्तान निशांत नायर को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत अपने सह पाटलट रूटू गोस्वामी से बात करके निकटतम हवाई अड्डे हैदराबाद की ओर फ्लाइट मोड़ दी। इस पर निशांत नायर ने कहा कि हमने हैदराबाद एटीसी से संपर्क करके स्थिति की जानकारी ली और 25 मिनट के अंदर ही फ्लाइट को उतार दिया गया।
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उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए चिंता की बात थी क्योंकि बच्चे को बचाना जरूरी था। इस दौरान हमारी और लोगों ने भी मदद की। हवाईअड्डे पर हमारे लिए रनवे का वेस्ट एंड तैयार किया था ताकि हम उड़ान भरने के समय को बर्बाद न करें क्योंकि हम उनको पहले से सूचित कर चुके थे। उन्होंने कहा कि इस मदद के बाद हम और जल्दी पहुंच गए। इसके बाद साहू ने कहा कि हम बेहद चिंतित थे लेकिन फ्लाइट स्टाफ ने हमारी मदद की। जिसकी वजह से सब सही हो पाया।
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बता दें कि 23 मई को, ओडिशा के रहने वाले सिंगरी सिंह अपनी बेटी, पत्नी पुलसी सिंह और दोस्त सुबल साहू के साथ अपनी बेटी को लेकर विमान से बेंगलुरु के नारायण हुरुयालय अस्पताल ले जा रहे थे। जहां बच्ची के दिल का इलाज होना था। सिंह ने बिस्कुट फैक्ट्री में यूनियन लीडर साहू की मदद से अपनी बेटी के इलाज के लिए धन इकट्ठा किया था।
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जब उड़ान की लैंडिंग में सिर्फ 40 मिनट थे तभी बच्ची को सांस लेने में समस्या आई। लेकिन जब एयर एशिया के कमांडर कप्तान निशांत नायर को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत अपने सह पाटलट रूटू गोस्वामी से बात करके निकटतम हवाई अड्डे हैदराबाद की ओर फ्लाइट मोड़ दी। इस पर निशांत नायर ने कहा कि हमने हैदराबाद एटीसी से संपर्क करके स्थिति की जानकारी ली और 25 मिनट के अंदर ही फ्लाइट को उतार दिया गया।
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उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए चिंता की बात थी क्योंकि बच्चे को बचाना जरूरी था। इस दौरान हमारी और लोगों ने भी मदद की। हवाईअड्डे पर हमारे लिए रनवे का वेस्ट एंड तैयार किया था ताकि हम उड़ान भरने के समय को बर्बाद न करें क्योंकि हम उनको पहले से सूचित कर चुके थे। उन्होंने कहा कि इस मदद के बाद हम और जल्दी पहुंच गए। इसके बाद साहू ने कहा कि हम बेहद चिंतित थे लेकिन फ्लाइट स्टाफ ने हमारी मदद की। जिसकी वजह से सब सही हो पाया।