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Physical Education: सिर्फ 58 फीसदी देशों में ही लड़कियों के लिए अनिवार्य है शारीरिक शिक्षा
Mon, 29 Jul 2024 05:22 AM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा झा
Updated Mon, 29 Jul 2024 05:22 AM IST
सार
क्या आपको पता है कि सिर्फ 58 फीसदी देशों में ही लड़कियों के लिए शारीरिक शिक्षा अनिवार्य है। यही नहीं दुनिया के महज सात फीसदी स्कूलों में संयुक्त शारीरिक शिक्षा पढ़ाई जाती है।
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- फोटो : freepik
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विस्तार
दुनिया के अधिकतर स्कूली बच्चों की अभी भी न्यूनतम जरूरी शारीरिक शिक्षा तक पहुंच नहीं है। यह खुलासा गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा पर पहली वैश्विक रिपोर्ट में हुआ है। यूनेस्को की शिक्षा टीम की प्रकाशित ग्लोबल स्टेट ऑफ प्ले की यह रिपोर्ट बताती है कि केवल 58 फीसदी देशों ने लड़कियों के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया है।
दुनिया भर में महज 7 फीसदी स्कूलों ने लड़कों और लड़कियों के लिए समान शारीरिक शिक्षा वक्त तय किया है। गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा पर पहली वैश्विक रिपोर्ट में हुआ है। यूनेस्को की शिक्षा टीम की प्रकाशित ग्लोबल स्टेट ऑफ प्ले की यह रिपोर्ट बताती है कि केवल 58 फीसदी देशों ने लड़कियों के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया है।
रिपोर्ट खुलासा करती है कि दुनिया भर में माध्यमिक विद्यालय के दो-तिहाई छात्रों और प्राथमिक विद्यालय के आधे से अधिक छात्रों को जरूरी न्यूनतम साप्ताहिक शारीरिक शिक्षा नहीं दी जाती। यही नहीं दो में से एक से भी कम प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने शारीरिक शिक्षा में विशेषज्ञ प्रशिक्षण लिया है।
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दो-तिहाई देशों का शिक्षा बजट 2% से कम
यूनेस्को टीम ने देशों के बीच शारीरिक शिक्षा के लिए वित्त पोषण में बड़े अंतर पर भी गौर किया। जहां दो-तिहाई देश अपने शिक्षा बजट का 2 फीसदी से भी कम इसके लिए देते हैं। वहीं 10 में से एक देश 7 फीसदी से अधिक पैसा आवंटित करता है।
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दुनिया भर में महज 7 फीसदी स्कूलों ने लड़कों और लड़कियों के लिए समान शारीरिक शिक्षा वक्त तय किया है। गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा पर पहली वैश्विक रिपोर्ट में हुआ है। यूनेस्को की शिक्षा टीम की प्रकाशित ग्लोबल स्टेट ऑफ प्ले की यह रिपोर्ट बताती है कि केवल 58 फीसदी देशों ने लड़कियों के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया है।
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रिपोर्ट खुलासा करती है कि दुनिया भर में माध्यमिक विद्यालय के दो-तिहाई छात्रों और प्राथमिक विद्यालय के आधे से अधिक छात्रों को जरूरी न्यूनतम साप्ताहिक शारीरिक शिक्षा नहीं दी जाती। यही नहीं दो में से एक से भी कम प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने शारीरिक शिक्षा में विशेषज्ञ प्रशिक्षण लिया है।
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दो-तिहाई देशों का शिक्षा बजट 2% से कम
यूनेस्को टीम ने देशों के बीच शारीरिक शिक्षा के लिए वित्त पोषण में बड़े अंतर पर भी गौर किया। जहां दो-तिहाई देश अपने शिक्षा बजट का 2 फीसदी से भी कम इसके लिए देते हैं। वहीं 10 में से एक देश 7 फीसदी से अधिक पैसा आवंटित करता है।