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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और पाबंदियों के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई आज
Mon, 16 Sep 2019 01:00 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:00 AM IST
सार
- अनुच्छेद 370 हटाने, राष्ट्रपति शासन की वैधता और राज्य में लागू पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई आज
- सुप्रीम कोर्ट में दायर हैं कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं
- गुलाम नबी आजाद ने भी अपने परिजनों से मिलने के लिए दौरा करने की मांगी है इजाजत
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सुफ्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने, राष्ट्रपति शासन की वैधता और राज्य में लागू पाबंदियों को चुनौती देने वाली दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इनमें से एक जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की याचिका भी है, जिसमें उन्होंने कश्मीर में अपने परिजनों से मिलने के लिए दौरा करने की इजाजत मांगी है।
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मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ इन याचिकाओं का निपटारा करेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से आजाद दो बार कश्मीर का दौरा करने की कोशिश कर चुके थे, मगर उन्हें एयरपोर्ट से ही लौटा दिया गया था।
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इन याचिकाओं में एक सज्जाद लोन की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस की भी है, जिसमें उन्होेंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने को चुनौती दी है। बाल अधिकार कार्यकर्ता एनाक्षी गांगुली और प्रोफेसर शांता सिन्हा ने भी बच्चों को नजरबंद करने को लेकर एक याचिका दी है।
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राज्यसभा सांसद और एमडीएमके संस्थापक वाइको की याचिका भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, जिसमें उन्होंने इस मामले में केंद्र को दिशानिर्देश देने की मांग की है और यह भी कहा है कि, नजरबंदी में रह रहे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए और उन्हें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक सालाना सम्मेलन में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए। इनके अलावा, माकपा नेता सीताराम येचुरी और कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन की भी याचिकाएं हैं।