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पाकिस्तान की राजनीति में प्रभावी नहीं है भारत विरोधी मानसिकता: अब्दुल बासित

Tue, 25 Oct 2016 07:13 PM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, दिल्ली
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 25 Oct 2016 07:13 PM IST
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People were not against relationship with India: Basit
अब्दुल बासित - फोटो : FILE

उड़ी पर आतंकी हमला, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और इसके बाद से लगातार सीमा पर दोनों तरफ से जारी गोलाबारी के बीच पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि उनके देश में लोग भारत और पाकिस्तान के बीच सामान्य रिश्ते के पक्षधर हैं। बासित ने कहा कि पाकिस्तान की जनता और राजनीति में भारत विरोधी मानसिकता प्रभावी नहीं है। उच्चायुक्त के अनुसार वहां की घरेलू राजनीति और चुनाव में भारत विरोध मुद्दा नहीं बनता और पूरे देश में लोग भारत के साथ सामान्य रिश्ते पक्षधर हैं।

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इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कॉफ्लिक्ट स्टडीज के कार्यक्रम में बोलते हुए बासित ने तमाम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर और कश्मीर के लोगों को नैतिक समर्थन देते रहने की बात दोहराई और कहा कि दोनों देशों के बीच में तनाव की स्थिति कोई पहली बार नहीं है। बासित इसके लिए जम्मू-कश्मीर के अनसुलझे मुद्दे को दोनों देश के बीच विवाद की असली जड़ बताते रहे।
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उन्होंने शांति वार्ता को लेकर भारत द्वारा आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकती के पक्ष पर भी सफाई दी और कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा और कदम उठाने को तैयार है। बासित ने कहा कि समझौता एक्सप्रेस विस्फोट, मुंबई हमला, पठानकोट या उड़ी दोनों देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने में बड़ी समस्या नहीं है। बल्कि 1948, 1965,1971 और 1999 में कारगिल संघर्ष के दौरान दोनों देश आमने-सामने आए, लेकिन बाद में रिश्ते सामान्य होने की ओर बढ़े। इसका कारण जम्मू-कश्मीर विवाद रहा।

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लागू हो संघर्ष विराम समझौता

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पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित - फोटो : ANI

उच्चायुक्त बासित ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध को सामान्य बनाने के लिए जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा नियंत्रण रेखा पर 2003 में हुए संघर्ष विराम समझौते का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके लिए भारत और पाकिस्तान दोनों आगे आएं और विश्वास बहाली के लिए जरूरी कदम उठाएं। दोनों तरफ से गोलाबारी बंद हो, हालात को अधिक बिगडऩे से रोका जाए।  बासित ने कहा कि बिना सीमा और नियंत्रण रेखा पर सामान्य स्थिति बनाए दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध, सहयोग और अन्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।


भारतीय मीडिया को किया ताकीद

पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति पर भी पाकिस्तान उच्चायुक्त ने कटाक्ष किया। इसके लिए उन्होंने भारतीय टीवी चैनल पर निशाना साधा। बासित ने कहा कि भारतीय समाचार चैनल में पाकिस्तान को घुटने के बल लाने जैसे कार्र्यक्रम प्रसारित हुए, जबकि अधिकारिक स्थिति इससे बिल्कुल भिन्न है। उन्होंने इस तरह के समाचार प्रसारण के लिए कुछ टीवी चैनल एंकरों को भी सलाह दी।

शख्सियत दोषी नहीं

बासित से जब पूछा गया कि उनके राजनयिक बनकर आने के बाद से लगातार दोनों देशों में तनाव बढ़ा है और ऐसा उनके द्वारा 2014 में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से भेंट के बाद शुरू हुआ है तो उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों देशों के बीच में बहुत से मुद्दे ऐसे हैं जिसका शख्सियतों से कोई ताल्लुक नहीं है। ये नीतियों से संचालित होते हैं।  बासित ने हल्के-फुल्के अंदाज में इस्लामाबाद में तैनात अपने भारतीय समकक्ष को भी दायरे में लिया और कहा फिर तो इसमें थोड़ा-बहुत कसूरवार वह भी हैं।

पाकिस्तान में नहीं है दाऊद

दाऊद के पाकिस्तान में होने के सबूतों को धता  बताते हुए पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने कहा कि 1993 के मुंबई बम धमाके का भारत का मुख्य वांछित दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में नहीं है। बासित ने कहा  दाऊद कहां, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन वह पाकिस्तान में नहीं है। गौरतलब है कि इस संबंध में भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के दावे पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी पुष्टि करते हुए  दाऊद के पाकिस्तान में होने पर मुहर लगाई है। भारत का दावा है कि दाऊद पाकिस्तान के कराची में रहता है। पाकिस्तान नें उसका पूरा नेटवर्क है। विदेश मंत्रालय ने दाऊद के पाकिस्तान में होने संबंधी दस्तावेजों का भी पाकिस्तान के साथ साझा किया है, लेकिन पाकिस्तान लगातार इसे खारिज करता रहा है।


भारत दे सबूत, करेंगे कार्रवाई

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने फिर आतंकियों के विरुद्ध ठोस सबूत की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले का ट्रायल चल रहा है। पठानकोट आतंकी हमले की जांच प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह से उड़ी पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अंतराष्ट्रीय स्तर की निष्पक्ष जांच का प्रस्ताव किया है। बासित ने कहा कि उनका देश आतंकवाद से जूझ रहा है और हम इसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके भारत को ठोस सबूत उपलब्ध कराने होंगे।

पाकिस्तान की सेना और सरकार में दरार नहीं

अब्दुल बासित ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार और सेना के बीच में कोई दरार नहीं है। इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने इससे जुड़ी मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए अपना बयान जारी किया है। इस बयान के बाद दरार होने की कोई गुंजाइश नहीं बचती।

मत छोटी कीजिए विंडो

भारत द्वारा पाकिस्तान को आतंकी देश कहे जाने पर बासित ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीडि़त देश है। ऐसे में इस तरह से अंगुला उठाना, आरोप लगाना, प्री मैच्योर नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है। इससे सहयोग के सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं। बासित ने कहा कि जब उच्च स्तर पर इस तरह से कहा जाता है तो राजनयिक और कूटनीतिक स्तर पर रिश्तों को पटरी पर लाने का विकल्प बहुत सीमित हो जाता है। विंडो छोटी हो जाती है।

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