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पीडीपी नेता का बयान- गाय के नाम पर मुस्लिमों का कत्ल बंद करो नहीं तो देश के टुकड़े हो जाएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sat, 28 Jul 2018 05:55 PM IST
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- फोटो : ANI
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जम्मू- कश्मीर में पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता और सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने शनिवार को भीड़ हिंसा को लेकर एक विवादित बयान दिया है।
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा की घटनाओं के संबंध में कहा, 'गाय और भैंस के नाम पर मुसलमानों का कत्ल बंद करें वर्ना नतीजें अच्छे नहीं होंगे। 1947 में एक बंटवारा हो चुका है।' बता दें कि उन्होंने यह बयान पीडीपी रैली के दौरान गौरक्षा के नाम पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए दिया है।
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Gai aur bhains ke naam par musalmano ka katal bandh karein warna naateje achhe nahi honge. 1947 mein ek partition pehle hi ho chuka hai: PDP leader Muzaffar Hussain Baig pic.twitter.com/79tk0im0In
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 28, 2018
उल्लेखनीय है कि इन दिनों देश में भीड़ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं और हाल ही में राजस्थान के अलवर में कथित गोरक्षकों ने रकबर खान नाम के शख्स की गो-तस्कर के शक में पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। बता दें कि रकबर खान दूध, दही बेचकर अपने परिवार की माली हालत सुधारने के लिए गाय खरीदकर अपने गांव लेकर जा रहे थे। इस घटना के बाद भाजपा लगातार विपक्षियों के निशाने पर है।
वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर में पीडीपी से भाजापा के समर्थन वापस लेने के बाद से लगातार धमकियों का सिलसिला जारी है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी भीड़ हिंसा के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोला था। महबूबा ने कहा था कि जिस तरह किसी के खाने को लेकर भीड़ हिंसा को जायज ठहराया जा रहा है। फिर रेप जैसे अपराधों का भी बचाव किया जा सकता है। क्या इसी तरह के भारत की हम कल्पना करते हैं? इससे पहले राज्य में भाजपा के जोड़-तोड़ कर सरकार बनाने के कयासों के बीच महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर पीडीपी को तोड़ने की कोशिश की गई तो घाटी में सलाहुद्दीन जैसे कई लोग पैदा हो जाएंगे।
गौरतलब है कि 17 जुलाई को चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली एक अन्य पीठ ने कहा था कि ‘भीड़तंत्र के ऐसे भयानक कृत्य से कानून को कुचलने की इजाजत नहीं दी जा सकती।’ साथ ही पीठ ने संसद को मॉब लिंचिंग और गौरक्षकों के नाम पर हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कड़े कानून बनाने को कहा था।