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सिल्क नगरी में पटेलों के विरोध को देख भाजपा ने किया पीएम मोदी की सभा में बदलाव
संजय मिश्र / नई दिल्ली
Updated Sat, 25 Nov 2017 03:57 PM IST
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पीएम मोदी
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सूरत में पाटीदार समाज की ओर से चलाए जा रहे विरोध के आक्रामक अभियान को देख भाजपा ने पीएम नरेंद्र मोदी के रैलीस्थल में बदलाव किया है। पीएम की रैली के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न पैदा हो इससे बचने के लिए पार्टी ने 27 नवंबर को सूरत के कामरेज में होने वाली चुनावी सभा का स्थान बदलकर कड़ोदरा कर दिया है। अब मोदी की रैली 27 नवंबर को सूरत स्थित कड़ोदरा के हनुमान मंदिर ग्राउंड में होगी।
पार्टी सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की सभास्थल में बदलाव का निर्णय खुफिया रिपोर्टों के बाद उठाया गया है। खुफिया विभाग ने इस बात की आशंका जताई है कि पाटीदार समाज के लोग भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सभा की तरह पीएम मोदी की सभा में भी हंगामा काट सकते हैं। सनद रहे कि नोटबंदी के बाद एक साल पहले अमित शाह के सूरत दौरे के दौरान कामरेज इलाके में ही शाह की सभा में हंगामा हुआ था। इसकी वजह से देशभर में भाजपा की काफी किरकिरी भी हुई थी।
अब पीएम मोदी की सभा में ऐसी कोई परिस्थिति पैदा न हो, इसलिए पार्टी ने सुरक्षित इलाके में पीएम मोदी की रैली का आयोजन रखा है। बताया जा रहा है कि जीएसटी और पाटीदार आंदोलन के विरोध का असर सबसे ज्यादा सूरत में है। यहां की 5-6 सीटों पर पाटीदार समाज के लोगों ने भाजपा के खिलाफ लगातार हंगामा काट रखा है।
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पढ़ें- गुजरात चुनाव के बाद शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है BJP
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पार्टी सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की सभास्थल में बदलाव का निर्णय खुफिया रिपोर्टों के बाद उठाया गया है। खुफिया विभाग ने इस बात की आशंका जताई है कि पाटीदार समाज के लोग भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सभा की तरह पीएम मोदी की सभा में भी हंगामा काट सकते हैं। सनद रहे कि नोटबंदी के बाद एक साल पहले अमित शाह के सूरत दौरे के दौरान कामरेज इलाके में ही शाह की सभा में हंगामा हुआ था। इसकी वजह से देशभर में भाजपा की काफी किरकिरी भी हुई थी।
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अब पीएम मोदी की सभा में ऐसी कोई परिस्थिति पैदा न हो, इसलिए पार्टी ने सुरक्षित इलाके में पीएम मोदी की रैली का आयोजन रखा है। बताया जा रहा है कि जीएसटी और पाटीदार आंदोलन के विरोध का असर सबसे ज्यादा सूरत में है। यहां की 5-6 सीटों पर पाटीदार समाज के लोगों ने भाजपा के खिलाफ लगातार हंगामा काट रखा है।
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अर्धसैनिक बलों की तैनाती तक पहुंची नौबत
हार्दिक पटेल
- फोटो : uejdl
सिल्क सिटी में गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम चाहे जिसके पक्ष में आएं, लेकिन यहां पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) और पाटीदार समाज के कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवारों को नाकों चने चबवा रखे हैं। अब तक भाजपा प्रत्याशियों को पटेल बाहुल्य इलाकों में प्रचार के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब पाटीदार समाज और पास के कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशियों के कार्यालयों में पहुंचकर हंगामा काट रहे हैं। शहर की कई विधानसभा सीटों पर पटेलों के आक्रामक और हंगामेदार विरोध को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर अर्ध सैनिक बलों की तैनाती कर दी है।
शुक्रवार को कामरेज, वारछा और करंज विधानसभा की सीटों पर कांग्रेस और पास कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय पर पहुंचकर हंगामा काटा था, जिसकी वजह से स्थानीय प्रशासन ने यहां के भाजपा प्रत्याशियों के कार्यालयों पर अर्ध सैनिक बलों की तैनाती कर दी है। इस बीच भाजपा भी अपने पटेल नेताओं को समाज के बीच भेजकर नाराजगी को थामने की कोशिश में जुटी हुई है, जबकि जीएसटी में नरमी बरतकर केंद्र सरकार पहले ही व्यापारियों के घाव पर मरहम लगा चुकी है।
शुक्रवार को कामरेज, वारछा और करंज विधानसभा की सीटों पर कांग्रेस और पास कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय पर पहुंचकर हंगामा काटा था, जिसकी वजह से स्थानीय प्रशासन ने यहां के भाजपा प्रत्याशियों के कार्यालयों पर अर्ध सैनिक बलों की तैनाती कर दी है। इस बीच भाजपा भी अपने पटेल नेताओं को समाज के बीच भेजकर नाराजगी को थामने की कोशिश में जुटी हुई है, जबकि जीएसटी में नरमी बरतकर केंद्र सरकार पहले ही व्यापारियों के घाव पर मरहम लगा चुकी है।
पीएम से पहले योगी बनाएंगे सूरत में भाजपा का माहौल
पीएम मोदी, विजय रुपाणी
जीएसटी और पाटीदार आंदोलन के कारण सूरत में भाजपा के प्रति उपजे असंतोष को थामने के लिए पार्टी ने पीएम मोदी से पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिल्क सिटी में उतारने का निर्णय लिया है। मोदी से पहले योगी सूरत पहुंचकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे। प्रत्याशियों के ऐलान के बाद सूरत में पीएम मोदी की पहली चुनावी सभा 27 नवंबर को है। इससे पहले 26 नवंबर को योगी आदित्यनाथ सूरत पहुंचकर लिंबायत और बमरोही में दो सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा पार्टी ने पीएम मोदी की सभा से पहले 26 को ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, परेश रावल और मनोज तिवारी की सभाएं भी रखी हैं।
भाजपा की नजर बाहरियों पर
पटेल और व्यापारी वर्ग में भाजपा के प्रति विरोध को देखते हुए भाजपा इसकी भरपाई में जुट गई है। इस कवायद में पार्टी की नजर बाहरियों पर है। सूरत और दक्षिण गुजरात के अन्य इलाकों में यूपी, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के लोगों की संख्या काफी है। इन्हें साधने के लिए पार्टी ने अपने उत्तर भारतीय नेताओं को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सूरत में यह लगातार दूसरा दौरा है। अपनी पहली गुजरात यात्रा के दौरान भी वे सूरत में गए थे। इसके अलावा मनोज तिवारी और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी पार्टी ने सूरत में चुनाव प्रचार के लिए बुलाया है। अंतिम समय में पार्टी ने पूर्व प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को भी गुजरात बुलाकर मोर्चे पर डटा दिया है।
भाजपा की नजर बाहरियों पर
पटेल और व्यापारी वर्ग में भाजपा के प्रति विरोध को देखते हुए भाजपा इसकी भरपाई में जुट गई है। इस कवायद में पार्टी की नजर बाहरियों पर है। सूरत और दक्षिण गुजरात के अन्य इलाकों में यूपी, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के लोगों की संख्या काफी है। इन्हें साधने के लिए पार्टी ने अपने उत्तर भारतीय नेताओं को मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। यही वजह है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सूरत में यह लगातार दूसरा दौरा है। अपनी पहली गुजरात यात्रा के दौरान भी वे सूरत में गए थे। इसके अलावा मनोज तिवारी और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी पार्टी ने सूरत में चुनाव प्रचार के लिए बुलाया है। अंतिम समय में पार्टी ने पूर्व प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को भी गुजरात बुलाकर मोर्चे पर डटा दिया है।