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Parliament Security Breach: संसद घुसपैठ मामले में भाजपा सांसद के दर्ज हुए बयान, केंद्रीय मंत्री ने कही ये बात
Fri, 22 Dec 2023 01:51 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 22 Dec 2023 01:51 PM IST
सार
जोशी ने बताया कि 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच चल रही है और कानून अपना काम करेगा। जांच के तहत ही भाजपा सांसद के बयान दर्ज कराए गए हैं।
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संसद भवन की सुरक्षा में चूक
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने शुक्रवार को बताया कि भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के संसद की सुरक्षा चूक मामले में बयान दर्ज हो गए हैं। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रहलाद जोशी ने बताया कि 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच चल रही है और कानून अपना काम करेगा। जांच के तहत ही भाजपा सांसद के बयान दर्ज कराए गए हैं। बता दें कि भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने ही संसद में घुसपैठ करने वाले आरोपियों को विजिटर पास जारी किए थे। प्रताप सिम्हा मैसूर लोकसभा सीट से सांसद हैं।
संसद सुरक्षा में चूक पर खूब हुआ हंगामा
बता दें कि बीती 13 दिसंबर को दो युवक दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूद गए थे। इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए और कैनिस्टर से रंगीन धुंआ छोड़ा। लोकसभा में मौजूद सांसदों ने आरोपियों को काबू किया। संसद परिसर में भी एक युवक और युवती ने ऐसा ही किया। संसद की सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा किया। हंगामे के चलते संसद से 146 विपक्षी सांसद निलंबित हुए। विपक्षी सांसदों के निलंबन का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 'संसद का कस्टोडियन स्पीकर होते हैं। लोकसभा स्पीकर बार-बार कह रहे हैं कि सुरक्षा के लिए वह जिम्मेदार हैं लेकिन विपक्ष उनकी बात पर विश्वास नहीं कर रहा। दरअसल विपक्ष जानबूझकर ऐसा कर रहा था और चुनावों में मिली हार के बाद बदले की भावना से काम कर रहा था।'
मेघवाल ने कहा कि 'संसद की सुरक्षा में चूक एक बड़ा मुद्दा है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और घटना की जांच चल रही है। उपराष्ट्रपति का अपमान किया गया। कांग्रेस मानती है कि सिर्फ उन्हें ही शासन का अधिकार है। उन्हें लगता है कि उपराष्ट्रपति सिर्फ उनके द्वारा नामित होने चाहिए। वह पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यही उनकी मानसिकता है कि वह दलित, किसानों और पिछड़े वर्ग का अपमान करते हैं।'
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शीतकालीन सत्र में कितना हुआ कामकाज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुए कामकाज की जानकारी देते हुए बताया कि '370 से लेकर नई आपराधिक न्याय प्रणाली तक जो कुछ भी इन 5 सालों में हुआ है, वो ऐतिहासिक है। तीन तलाक से लेकर कई अहम बिल पारित हुए हैं। 4 दिसंबर से ये सत्र शुरू हुआ था जो कल यानी 21 दिसंबर को पूर्ण हुआ। इस सत्र में 18 दिनों में 14 बैठकें की गईं। दोनों सदनों में 19 बिल पारित किए गए हैं... आप सब जानते हैं, जिस दिन सुरक्षा चूक की घटना हुई उसके बाद भी 2 से लगभग 2:40 तक सदन चला... अचानक से कहां से क्या निर्देश आए पता नहीं तुरंत इन लोगों ने(विपक्ष) विरोध शुरू किया।'
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संसद सुरक्षा में चूक पर खूब हुआ हंगामा
बता दें कि बीती 13 दिसंबर को दो युवक दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूद गए थे। इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए और कैनिस्टर से रंगीन धुंआ छोड़ा। लोकसभा में मौजूद सांसदों ने आरोपियों को काबू किया। संसद परिसर में भी एक युवक और युवती ने ऐसा ही किया। संसद की सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक को लेकर विपक्ष ने खूब हंगामा किया। हंगामे के चलते संसद से 146 विपक्षी सांसद निलंबित हुए। विपक्षी सांसदों के निलंबन का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि 'संसद का कस्टोडियन स्पीकर होते हैं। लोकसभा स्पीकर बार-बार कह रहे हैं कि सुरक्षा के लिए वह जिम्मेदार हैं लेकिन विपक्ष उनकी बात पर विश्वास नहीं कर रहा। दरअसल विपक्ष जानबूझकर ऐसा कर रहा था और चुनावों में मिली हार के बाद बदले की भावना से काम कर रहा था।'
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मेघवाल ने कहा कि 'संसद की सुरक्षा में चूक एक बड़ा मुद्दा है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और घटना की जांच चल रही है। उपराष्ट्रपति का अपमान किया गया। कांग्रेस मानती है कि सिर्फ उन्हें ही शासन का अधिकार है। उन्हें लगता है कि उपराष्ट्रपति सिर्फ उनके द्वारा नामित होने चाहिए। वह पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यही उनकी मानसिकता है कि वह दलित, किसानों और पिछड़े वर्ग का अपमान करते हैं।'
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शीतकालीन सत्र में कितना हुआ कामकाज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हुए कामकाज की जानकारी देते हुए बताया कि '370 से लेकर नई आपराधिक न्याय प्रणाली तक जो कुछ भी इन 5 सालों में हुआ है, वो ऐतिहासिक है। तीन तलाक से लेकर कई अहम बिल पारित हुए हैं। 4 दिसंबर से ये सत्र शुरू हुआ था जो कल यानी 21 दिसंबर को पूर्ण हुआ। इस सत्र में 18 दिनों में 14 बैठकें की गईं। दोनों सदनों में 19 बिल पारित किए गए हैं... आप सब जानते हैं, जिस दिन सुरक्षा चूक की घटना हुई उसके बाद भी 2 से लगभग 2:40 तक सदन चला... अचानक से कहां से क्या निर्देश आए पता नहीं तुरंत इन लोगों ने(विपक्ष) विरोध शुरू किया।'