अब पन्नीरसेल्वम को भी अम्मा की मौत पर शक, दिए जांच के आदेश
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तमिलनाडु के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने पार्टी से निकाले जाने के बाद बड़ा कदम उठाया है। पन्नीरसेल्वम ने जया की मौत का मामला उठाते हुए इस मामले की जांच आदेश दिए हैं। पनीरसेल्वम ने कहा कि बीते कुछ दिनों से जयललिता की मौत संबंधी काफी बातें सामने आई हैं, ऐसे में यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मामले की जांच कराए। राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने जांच के आदेश दे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जज करेंगे। हालांकि दिवंगत पूर्व सीएम जयललिता की मौत पर उठ रहे सवालों के बीच सोमवार को ब्रिटिश डॉक्टर ने कहा था कि जया के इलाज और उसके बाद हुई मौत में कोई षड्यंत्र या रहस्य नहीं था।
साथ ही अपोलो अस्पताल और सरकारी डॉक्टरों ने भी जहर के कारण जया की मौत की आशंका को खारिज किया था और कहा था कि जयललिता को 'सेप्टीसीमिया के साथ अनियंत्रित मधुमेह के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। लेकिन पन्नीरसेल्वम का जयललिता की मौत के जांच का आदेश देने के बाद लग रहा है कि इस सियासी घमासान में नया मोड़ आ सकता है।
सियासी जंग में शशिकला का पलड़ा भारी
पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार को नाटकीय ढंग से पार्टी प्रमुख वीके शशिकला के खिलाफ बगावत कर दी। रविवार को सीएम पद से इस्तीफा देने वाले पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उन्हें इसके लिए बाध्य किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि जनता, पार्टी और विधायक चाहें तो वह अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं।
हालांकि अब यह विवाद आर-पार की जंग में बदलता जा रहा है। खबरों के मुताबितक अब तक के घटनाक्रम से पता चलता है कि तमिलनाडु की राजनीति के इस सियासी घमासान में शशिकला का पलड़ा भारी पड़ता नजर आ रहा है।
बुधवार को शशिकला द्वारा बुलाई गई पार्टी विधायकों की आपातकाल मीटिंग में लगभग 130 विधायकों के पहुंचे और सभी विधायकों ने शशिकला को समर्थन देने को कहा। वहीं खबरों की मानें तो पन्नीरसेल्वम को पास मात्र चार से पांच विधायकों का ही समर्थन हासिल है। हालांकि पन्नीरसेल्वम ने कहा है कि वे विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे।