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पाक की नापाक हरकत: रोजाना 6 बार युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर रहा है पाकिस्तान
Tue, 26 Feb 2019 11:33 AM IST
अमर शर्मा
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 26 Feb 2019 11:33 AM IST
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CEASEFIRE
- फोटो : SANJAY GUPTA
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भारत की एक ही एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान तिलमिला उठा है। क्या आप जानते हैं कि यही पाकिस्तान रोजाना 6 बार युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर रहा है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल ऐसा कोई दिन खाली नहीं गया, जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर (आईबी) और नियंत्रण रेखा पर 24 घंटे के दौरान कम से कम छह बार युद्ध विराम नीति का उल्लंघन न किया हो।
पिछले चार साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम नीति का उल्लंघन पांच गुना बढ़ गया है। वह आए दिन इस नीति को तोड़ता रहता है। 2015 में युद्ध विराम उल्लंघन के 405 मामले सामने आए थे तो वहीं नवंबर 2018 तक पाकिस्तान 1,962 बार यह उल्लंघन कर चुका है। यानी पड़ोसी देश रोजाना छह बार नापाक हरकत करता रहा है।
(गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े)
इसके अलावा पिछले साल नवंबर तक जम्मू-कश्मीर सीमा पर घुसपैठ के 302 प्रयास हुए हैं। सैन्य विशेषज्ञ जीडी बख्शी के अनुसार पाकिस्तान युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर और घुसपैठ के द्वारा आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने का प्रयास करता है। इतने बड़े पैमाने पर युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर पाकिस्तान हमें उकसाता रहा है। भारत को अब पड़ोसी देश की नापाक हरकत का कड़ा जवाब देना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय जानता है कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा दे रहा है।
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पिछले चार साल के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम नीति का उल्लंघन पांच गुना बढ़ गया है। वह आए दिन इस नीति को तोड़ता रहता है। 2015 में युद्ध विराम उल्लंघन के 405 मामले सामने आए थे तो वहीं नवंबर 2018 तक पाकिस्तान 1,962 बार यह उल्लंघन कर चुका है। यानी पड़ोसी देश रोजाना छह बार नापाक हरकत करता रहा है।
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पाकिस्तान द्वारा किया गया युद्ध विराम उल्लंघन
| साल | नियंत्रण रेखा | अंतरराष्ट्रीय सीमा | कुल मामले |
| 2015 | 152 | 253 | 405 |
| 2016 | 228 | 221 | 449 |
| 2017 | 860 | 111 | 971 |
| 2018 (नवंबर) | 1454 | 508 | 1962 |
(गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े)
इसके अलावा पिछले साल नवंबर तक जम्मू-कश्मीर सीमा पर घुसपैठ के 302 प्रयास हुए हैं। सैन्य विशेषज्ञ जीडी बख्शी के अनुसार पाकिस्तान युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर और घुसपैठ के द्वारा आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने का प्रयास करता है। इतने बड़े पैमाने पर युद्ध विराम नीति का उल्लंघन कर पाकिस्तान हमें उकसाता रहा है। भारत को अब पड़ोसी देश की नापाक हरकत का कड़ा जवाब देना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय जानता है कि पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा दे रहा है।
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पाकिस्तान की नापाक हरकत देखें
इस जगह गिरा था पाकिस्तान द्वारा दागा गया मोर्टार
- फोटो : अमर उजाला
गृह मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी ज्यादा मारे जा रहे हैं। यहीं से यह बात पता चलती है कि जवानों के शहीद होने का ग्राफ भी तेजी से ऊपर जा रहा है। साल 2014 में 110 आतंकी मारे गए थे, 2018 में 257 आतंकियों को मारा गया।
2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में शहीद होने वाले जवानों की संख्या में 93 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2014 के दौरान जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में सुरक्षा बलों के 47 जवान शहीद हो गए थे।
अगर 2018 में यह आंकडा देखें तो स्थिति डराने वाली होती है। पिछले साल आतंकी हमलों में 91 जवान शहीद हुए हैं। इतना ही नहीं, चार सालों में जम्मू-कश्मीर में 1,315 लोगों को भी आतंकी हमलों की वजह से जान गंवानी पड़ी है।
2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 1,708 आतंकी हमले हुए हैं। यानी हर महीने 28 आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। सबसे ज्यादा हमले 2018 में हुए हैं। आतंकियों ने 614 हमले किए हैं।
2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में शहीद होने वाले जवानों की संख्या में 93 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2014 के दौरान जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में सुरक्षा बलों के 47 जवान शहीद हो गए थे।
अगर 2018 में यह आंकडा देखें तो स्थिति डराने वाली होती है। पिछले साल आतंकी हमलों में 91 जवान शहीद हुए हैं। इतना ही नहीं, चार सालों में जम्मू-कश्मीर में 1,315 लोगों को भी आतंकी हमलों की वजह से जान गंवानी पड़ी है।
2014 से 2018 के बीच जम्मू-कश्मीर में कुल 1,708 आतंकी हमले हुए हैं। यानी हर महीने 28 आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। सबसे ज्यादा हमले 2018 में हुए हैं। आतंकियों ने 614 हमले किए हैं।