फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pakistan PM Imran Khan set up committee to ensure execution of Financial Action Task Force

एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट होते ही खुली पाक की नींद, आतंकियों की निगरानी के लिए किया यह काम

Tue, 27 Aug 2019 06:52 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 27 Aug 2019 06:52 AM IST
सार

  • फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने हाल ही में हुई बैठक में पाकिस्तान को किया है ब्लैकलिस्ट
  • आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में नाकाम रहने पर काली सूची में डाला गया था पाक का नाम
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब 12 सदस्यों वाली एक समिति गठित की है
  • नेशनल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स कोआर्डिनेशन कमेटी रखा गया है इसका नाम
  • पाकिस्तान को अब अक्टूबर में एफएटीएफ के ब्लैकलिस्ट से बचने के लिए ध्यान केंद्रित करना होगा

विज्ञापन
Pakistan PM Imran Khan set up committee to ensure execution of Financial Action Task Force
पाकिस्तान को काली सूची में डाला - फोटो : PTI

विस्तार

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा आतंकी संगठनों को फंडिग रोकने में नाकाम होने पर पाकिस्तान को काली सूची में डालने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक समिति गठित की है। इसका नाम 'नेशनल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स कोआर्डिनेशन कमेटी' है।

विज्ञापन


इस कमेटी में 12 सदस्य हैं जो फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की 27-सूत्रीय कार्ययोजना के निष्पादन को सुनिश्चित करने पर काम करेंगे। एफएटीएफ ने पाया था कि पाकिस्तान धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और आतंकवाद के वित्त पोषण संबंधी 40 अनुपालन मानकों में से 32 का पालन नहीं कर रहा था।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


द डॉन अखबार के मुताबिक, आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में नेशनल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स कोआर्डिनेशन कमेटी में वित्त, विदेशी मामलों और आंतरिक मामलों के संघीय सचिवों के अलावा सभी संस्थानों के प्रमुखों और मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिग से जुड़े नियामकों को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि, यह समिति एफएटीएफ पर पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे कार्यों को गति देगी और 21 दिसंबर तक एफएटीएफ से संबंधित सभी कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करेगी।

पाकिस्तान को अब अक्टूबर में एफएटीएफ के ब्लैकलिस्ट से बचने के लिए ध्यान केंद्रित करना होगा, जब एफएटीएफ की 27-सूत्रीय कार्ययोजना पर 15 महीने की समयावधि समाप्त हो जाएगी।

बता दें कि, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेआईएम) सहित आतंकी समूहों के प्रति अपनी जटिलता के लिए पाकिस्तान एफएटीएफ रडार के अधीन रहा है। पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे सूची में डाला गया था। अक्टूबर 2018 और फरवरी 2019 में हुए रिव्यू में भी पाक को राहत नहीं मिली थी। पाक एफएटीएफ की सिफारिशों पर काम करने में विफल रहा। 'ग्रे लिस्ट' में अगर पाकिस्तान लगातार बना रहता है तो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी), यूरोपीय संघ में उसकी साख में कमी आएगी। साथ ही मूडीज, एसएंडपी और फिच द्वारा रेटिंग में भी कमी होगी। जो पाकिस्तान की वित्तीय समस्याओं में इजाफा करेगा।

जानिए क्या है एफएटीएफ

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसे फ्रांस की राजधानी पेरिस में जी-7 समूह के देशों द्वारा 1989 में स्थापित किया गया था। इसका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग), सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और आतंकवाद के वित्तपोषण पर निगाह रखना है। 

इसके अलावा एफएटीएफ वित्त विषय पर कानूनी, विनियामक और परिचालन उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा भी देता है। एफएटीएफ का निर्णय लेने वाला निकाय को एफएटीएफ प्लेनरी कहा जाता है। इसकी बैठक एक साल में तीन बार आयोजित की जाती है।

क्या करता है एफएटीएफ

एफएटीएफ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को दुरुपयोग से बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की कमजोरियों की पहचान करने के लिए काम करता है। अक्टूबर 2001 में एफएटीएफ ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के अलावा आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के प्रयासों को शामिल किया। जबकि अप्रैल 2012 में इनकी कार्यसूची में सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार के वित्तपोषण का मुकाबला करने के प्रयासों को जोड़ा गया।

एफएटीएफ अपने द्वारा दी गई सिफारिशों को लागू करने में देशों की प्रगति की निगरानी करता है। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण की तकनीकों को खत्म करने की उपायों की समीक्षा करता है। इसके साथ ही एफएटीएफ विश्व स्तर पर अपनी सिफारिशों को अपनाने और लागू करने को बढ़ावा देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed