अब पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भर सकेंगे यात्री विमान, हवाई क्षेत्र में लगा प्रतिबंध हटा
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पाकिस्तान ने बालाकोट हवाई हमले के करीब साढ़े चार महीने बाद सोमवार देर रात अपना हवाई क्षेत्र असैन्य उड़ानों के लिए खोल दिया जिसके बाद भारत पाकिस्तान के बीच हवाई परिवहन शुरू हो गया है। इसकी जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी। पाक हवाई क्षेत्र बंद होने पर भारी नुकसान झेली रही एयर इंडिया ने कहा है कि हम इस मामले को देख रहे हैं, पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के लिए शेड्यूल करने में दो से तीन दिन लगेंगे।
Air India official on Pakistan airspace opened for civil traffic: We are looking into the matter, it will take 2-3 days for scheduling to use Pakistani airspace. pic.twitter.com/ZU6QW3HULb
— ANI (@ANI) July 16, 2019विज्ञापन
पाकिस्तान के नागर विमानन प्राधिकरण ने भारतीय समयानुसार देर रात 12 बजकर 41 मिनट पर एयरमैन (एनओटीएएम) को एक नोटिस जारी कर कहा कि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को सभी ज्ञात एटीएस रूट पर सभी असैन्य उड़ानों के लिए तत्काल प्रभाव से खोला जाता है। पाकिस्तान के इस कदम के बाद भारत ने भी संशोधित एनओटीएएम जारी करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सामान्य हवाई यातायात बहाल हो गया है।
सरकारी सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से एनओटीएएम जारी होने के साथ ही हवाई क्षेत्र पर लगे सभी प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं, संबंधित प्राधिकार ने भारत को इसकी सूचना दी है। भारत ने भी उसके तुरंत बाद संशोधित एनओटीएएम जारी किया है। इसके साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच सभी ‘फ्लाईट इंफॉर्मेंशन रीजंस’ में परिचालन शुरू हो गया है।
एनओटीएएम जारी होने के कुछ घंटे बाद भारत के नागर विमानन मंत्रालय ने ट्वीट किया है कि विमानों ने बंद रास्तों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे विमानन कंपनियों और यात्रियों को बड़ी राहत पहुंची है। मंत्रालय ने लिखा है, पाकिस्तान द्वारा देर रात और भारत की ओर से आज तड़के एनओटीएएम रद्द किए जाने के बाद अब दोनों देशों के हवाई क्षेत्र पर कोई प्रतिबंध नहीं है, विमानों ने बंद पड़े रास्तों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है जिससे विमानन कंपनियों को बड़ी राहत पहुंची है।
मंत्रालय ने लिखा है, यह बहुत अच्छी खबर है। हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। इससे सबसे ज्यादा लाभ एयर इंडिया को होगा क्योंकि फरवरी से अभी तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, खास तौर से अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों, को दूसरे रास्ते से ले जाने के कारण कंपनी को करीब 491 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।