फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pakistan does not protest for rights of Uighur Muslims in China

कश्मीर की समस्या तो पाक को दिखती हैं लेकिन चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ ज्यादती नहीं

Sat, 23 Feb 2019 06:00 PM IST
Gaurav Pandey जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Sat, 23 Feb 2019 06:00 PM IST
विज्ञापन
Pakistan does not protest for rights of Uighur Muslims in China

आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान दोहरी नीति अपना रहा है। यह बात दुनिया को मालूम है, मगर इससे परे हट कर वह आए दिन संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के मंच से कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करता रहता है। पाकिस्तान की ओर से यह बयानबाजी कि कश्मीर में मुस्लिमों के साथ अच्छा नहीं हो रहा और उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, रोजाना ही सुनने को मिलती हैं। 

विज्ञापन


दूसरी ओर, चीन के उत्तर-पश्चिम हिस्से में रहने वाले मुस्लिमों, जिन्हें उइगर कहा जाता है, के साथ हर तरीके की ज्यादती हो रही है, लेकिन पाकिस्तान कभी चीन के खिलाफ जुबान तक नहीं खोलता। वजह, चीन का इतना रुपया पाकिस्तान की बंदरगाहों पर लग चुका है कि अब वह उसके खिलाफ बोलने की हैसियत भी खो बैठा है।
विज्ञापन


बता दें कि चीन ने उइगरों को अपनी विचारधारा में ढालने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। यहां तक कि चीन ने उइगरों का मूल इस्लाम छुड़वाने की खातिर सोशलिस्ट इस्लाम नाम से एक नया विचार तैयार कर दिया है। वहां रहने वाले सभी मुस्लिमों से सोशलिस्ट इस्लाम अपनाने के लिए कह दिया गया है। सोशलिस्ट इस्लाम में वह सब कुछ है जो चीन चाहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले दिनों सोशलिस्ट इस्लाम के खिलाफ जब कुछ संगठनों ने आवाज उठाई तो चीनी अधिकारियों ने यह कहते हुए अपने देश के कार्यों का बचाव किया कि इस्लाम तो एक 'वैचारिक बीमारी' है। इस बीमारी से लोगों का इलाज करने के लिए अस्पतालों की तरह जगह-जगह पर एकाग्रता शिविरों की स्थापना की गई है। अमेरिका में चीन के राजदूत, कुई तियानकाई ने कहा कि देश उइगरों को अब 'सामान्य लोगों' में बदलने की कोशिश कर रहा है।

बताया जा रहा है कि तथाकथित 'पुनः शिक्षा शिविरों' में एक लाख से अधिक उइगर मुसलमानों को हिरासत में रखा गया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने देश के कार्यों का बचाव करते हुए कहा, हमारा यह प्रयास पूरी तरह से दिशा के अनुरूप हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद से निपटने के लिए कदम उठाए हैं। हम भी वही कर रहे हैं। इसे अभी रोक दिया गया तो आतंकवाद की जड़ पकड़ना असंभव हो जाएगा। इतना कुछ हो रहा है, मगर पाकिस्तान एक शब्द तक नहीं बोलता। किसी भी मंच से चीन के खिलाफ आवाज नहीं उठाता।

उइगरों पर हो रही बर्बरता के खिलाफ इसलिए नहीं बोलता पाकिस्तान

आईपीसीएस (शांति और संघर्ष अध्ययन संस्थान) में पाकिस्तान-अफगानिस्तान मामलों के विशेषज्ञ सरल शर्मा का कहना है कि चीन ने पाकिस्तान की ग्वादर सहित कई दूसरी बंदरगाहों पर इतना भारी निवेश कर दिया है कि उसे उइगरों के खिलाफ हो रही ज्यादतियां नजर ही नहीं आती। बल्कि यूं कहिये कि वह सब कुछ देखते हुए भी नजरअंदाज बन जाता है। पाकिस्तान में कई छोटे-छोटे संगठन है जो कभी-कभार चीन के खिलाफ आवाज उठाते हैं, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया उनकी आवाज को दुनिया के सामने नहीं लाता।

चीन में उइगरों के दाढ़ी बढ़ाने, नमाज पढ़ने और यहां तक कि टोपी पहनने पर भी रोक लगा दी गई, लेकिन पाकिस्तान कुछ नहीं बोला। पाकिस्तान को अपने मुस्लिम भाईयों से कोई मतलब नहीं है। उसे तो केवल चीन से आर्थिक और दूसरे क्षेत्रों में मदद लेनी है, वह ले भी रहा है। भारत की ओर से पाकिस्तान को कई बार करारा जवाब दिया गया है। वह यह बात अच्छी तरह जानता है कि आगे भी भारत उसे सबक सिखा सकता है तो इस डर से वह चीन के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाने में लगा रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed