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Pakistan: इमरान के दो करीबी नेताओं को राहत, घर जाने की अनुमति मिली; नौ मई की हिंसा मामले में हुए थे गिरफ्तार
Wed, 16 Aug 2023 03:56 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 16 Aug 2023 03:56 PM IST
सार
Pakistan: इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दो सहयोगियों को बुधवार को घर जाने की अनुमति दे दी।
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Shehryar Afridi and Shandana Gulzar
- फोटो : Social Media
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विस्तार
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दो सहयोगियों को बुधवार को घर जाने की अनुमति दे दी। उन्हें सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव (एमपीओ) अध्यादेश के तहत लंबे समय तक हिरासत में रखा गया था। अदालत ने बुधवार को उनकी याचिकाओं पर सुनवाई की। स्थानीय मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है।
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खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के शहरयार अफरीदी और शांतना गुलजार को नौ मई को हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। भ्रष्टाचार के एक मामले में इमरान की गिरफ्तारी के बाद देशभर में हिंसक घटनाओं के मामले सामने आए थे।
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उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि वह शहर के उपायुक्त (डीसी) इरफान नवाज मेमन और एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को अदालत की अवमानना के लिए आरोपित करेगा क्योंकि दोनों अधिकारियों ने न्याय प्रदान करने में बाधा डालने के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया।
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डॉन न्यूज की खबर के मुताबिक, अदालत ने मंगलवार को उपायुक्त इरफान नवाज मेमन, महानिरीक्षक अकबर नासिर खान, शहर के मुख्य आयुक्त और अन्य पुलिस अधिकारियों को न्याय प्रदान करने में बाधा डालने और न्याय की प्रक्रिया से ध्यान भटकाने के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
अदालत ने दोनों अधिकारियों से लिखित जवाब मांगा था कि न्याय में बाधा डालने के लिए अदालत द्वारा उन्हें दंडित क्यों नहीं किया जाना चाहिए। अफरीदी को पहली बार एमपीओ अध्यादेश, 1960 की धारा 3 के तहत 16 मई को उनके इस्लामाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के तुरंत बाद उन्हें 30 मई को इसी धारा के तहत फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था।
अफरीदी के वकील ने बाद में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें अफरीदी की रिहाई और एमपीओ के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी। इस बीच नौ अगस्त को इस्लामाबाद पुलिस ने गुलजार का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। उसकी मां ने उसकी अवैध गिरफ्तारी और संविधान के अनुच्छेद 4, 9, 10 ए और 14 के उल्लंघन के आधार पर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें पुलिस से उसकी बेटी को अदालत में पेश करने के लिए कहा गया था।
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बाबर सत्तार ने बुधवार को अफरीदी और शांदना की याचिकाओं पर सुनवाई की और मंगलवार को तलब किए गए अधिकारियों से जवाब मांगा। मेमन बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट का प्रतिनिधित्व करने के लिए अदालत में पेश हुए, जबकि आईजी खान और मुख्य आयुक्त भी मौजूद थे। पीटीआई नेताओं को उनके वकील शेर अफजल मारवात के साथ अदालत में पेश किया गया।
डीसी और एसएसपी की प्रतिक्रियाएं सुनने के बाद, न्यायमूर्ति सत्तार ने उनकी दलील को असंतोषजनक माना और अगली सुनवाई में दोनों अधिकारियों को अदालत की अवमानना के लिए आरोपित करने का फैसला किया।