बौखलाए पाक ने भारतीय चैनलों पर उतारी खीझ, लगाया बैन
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बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन और आतंकवाद को बढ़ावा देने के मुद्दे पर चारों ओर से घिरता जा रहा पाकिस्तान अब बौखला गया है। इसी बौखलाहट का नतीजा है कि उसने भारतीय चैनलों को पाकिस्तान में बंद कर दिया है। पाक मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार पाकिस्तान की रेगुलेटरी अथॉरिटी PEMRA ने डीटीएच से चलने वाले भारतीय चैनलों पर बैन लगा दिया है।
पाकिस्तानी न्यूज चैनल जीयो न्यूज की वेबसाइट के अनुसार पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी ने बुधवार को डीटीएच पर चलने वाले कुछ अवैध भारतीय चैनलों को बैन कर दिया है।
इस्लामाबाद में PEMRA के हेडक्वार्टर में प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चेयरमैन अबसार आलम ने बताया कि देश में डीटीएच के कुल 30 लाख उपभोक्ता हैं। डीटीएच का यह दौर मुशर्रफ काल से शुरू हुआ था।
आलम के अनुसार डीटीएच सर्विस के द्वारा पाकिस्तान से इंडिया जाने वाले अवैध फंड को रोकने के लिए यह बैन लगाया गया है। पीईएमआरए अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय चैनलों द्वारा पेश की जा रही सामग्री कानूनी रूप से गलत है।
भारतीय चैनलों पर लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप
यह विदेशी चैनलों के निर्धारित कुल दस फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि भारतीय न्यूज चैनल इस कोटे का कुल छह फीसदी अकेले उपयोग करते हैं और दूसरे सभी देशों को मात्र चार फीसदी कोटा ही मिल पाता है। इसके चलते विदेशी नियामकों के लिए बने कोटे का लगातार अतिक्रमण हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी भारतीय चैनल को पाकिस्तान में कार्यक्रम प्रसारित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने इस बात की भी जरूरत पर बल दिया कि जो भारतीय कलाकार अपने विज्ञापनों में पाकिस्तानी ब्रांड का इस्तेमाल करते हैं इस पर भी रोक लगनी चाहिए।
कहा अगर संसद इस पर कानून बनाती है तो वह उसे लागू करवाने में सहयोग करेंगे। आलम ने जोर दिया कि भारतीय चैनलों पर पूरी तरह बैन लागू कर दिया गया है जिससे पाकिस्तानी धन को भारत में जाने से रोका जा सके। इसके अलावा इस रकम को रोकने के लिए पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन अथॉरिटी, फेडरेल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और अन्य जांच एजेंसियों से भी मदद लेने की बात कही।