पाक हाई कमीशन के 16 और कर्मचारी जासूसी रैकेट में शामिल
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जांच से जुड़े दिल्ली पुलिस के एक आला अफसर का कहना है कि महमूद अख्तर के खुलासे की प्रामाणिकता जांची जा रही है। इसके लिए दिल्ली पुलिस विदेश मंत्रालय से मदद मांग सकती है।
इधर, क्राइम ब्रांच की टीम राजस्थान के विभिन्न जगहों पर छापे मार रही है ताकि अख्तर को संवेदनशील जानकारियां और दस्तावेज मुहैया कराने वाले स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया जा सके। गौरतलब है कि अख्तर ही इस जासूसी रैकेट का सरगना था।
महत्वपूर्ण जानकारियां लीक करने का शक है
क्राइम ब्रांच की दो टीमें अन्य गिरफ्तार आरोपियों मौलाना रमजान, सुभाष जांगिड़ और शोएब के साथ अर्द्धसैनिक बलों के उन कर्मियों को तलाश रही हैं, जिन पर महत्वपूर्ण जानकारियां लीक करने का शक है। इस संबंध में वहां दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ हो रही है। पूछताछ करने वाले अफसर का कहना है कि इस रैकेट में कुछ रिटायर्ड आर्मी अफसरों के भी शामिल होने का शक है।
पिछले सप्ताह समाजवाद पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के निजी सहायक फरहत खान को जासूसी रैकेट के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। पाकिस्तान हाई कमीशन के स्टाफ को 29 अक्तूबर को दिल्ली में गोपनीय दस्तावेज हासिल करते हुए पकड़ा गया था। रमजान और जांगिड़ राजस्थान के नागौर के रहने वाले वाले हैं। इन्हें भी अख्तर के साथ गिरफ्तार किया गया था। अन्य आरोपी शोएब को जोधपुर में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे दिल्ली ले आया गया था।