सीमा पार आतंकवाद की जवाबदेही से बच नहीं सकता पाक
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पाकिस्तान कश्मीर के मामले में सिर्फ एक ही काम कर सकता है। वह है घाटी में अपनी जमीन से आतंकवादियों भेजना बंद करे। इसके अलावा पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है।
भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कश्मीर मामले से दूर रहने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव को कश्मीर से संबंधित लिखी चिट्ठी पर यह प्रतिक्रिया दी है।
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान यूएन को चाहे जितनी चिट्ठी लिख ले अपने आतंकी करतूतों को पर पर्दा नहीं डाल सकता। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में दिए लिखित बयान में कहा है कि कश्मीर भारत का अंदरुनी मामला है। वह घाटी में किसी भी दखलअंदाजी के बाज आए।
अब पाकिस्तान से कश्मीर पर नहीं पीओके पर होगी बात
गौरतलब है कि इसी सदन में बुधवार को कश्मीर पर आठ घंटे की मैराथन चर्चा के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के प्रति सरकार की मंशा साफ कर दी।
राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा कि अब पाकिस्तान से कश्मीर पर नहीं बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर बात होगी। बृहस्पतिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि पाकिस्तान को किसी भी मामले में किसी भी मंच पर कुछ भी बोलने का हक नहीं है।
अगर वह कुछ कर सकता है तो सीमा पार आतंकवाद बंद कर दे। विकास स्वरुप ने इस मामले में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह भारत का अंदरुनी मामला है। नवाज शरीफ ने यूएन को लिखी चिट्ठी में कश्मीर में हो रहे मानवाधिकार हनन की शिकायत की है।