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अमेरिकी अखबार ने लिखा- मोदी के सब्र का इम्तिहान न ले पाकिस्तान
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Wed, 28 Sep 2016 09:17 PM IST
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narendra modi
- फोटो : pti
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आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के अड़ियल रुख की कड़ी आलोचना हो रही है। प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट ' ने भी आगाह करने के लहजे में लिखा है कि पाकिस्तान अगर भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के सहयोग के प्रस्ताव को ऐसे ही खारिज करता रहा तो वह दुनिया के अधिकतर देशों के लिए 'अछूत' हो सकता है। अखबार ने संपादकीय लेख में लिखा है कि आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान भारत के कड़े रुख और संयम को हलके में नहीं ले सकता।
लेख में चेतावनी भरे अंदाज में कहा गया है, 'अगर सीमा के पार भारत में पाकिस्तानी सेना ने हथियार और आतंक फैलाना जारी रखा तो भारतीय पीएम का रुख बिल्कुल न्यायसंगत माना जाएगा।' अखबार लिखता है कि आतंकवाद पर भारत का रुख हमेशा से उच्च नैतिक मापदंडों वाला रहा है पर पिछली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें इसे स्पष्ट रूप से कभी सख्ती से लागू नहीं कर पाईं।
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लेख में चेतावनी भरे अंदाज में कहा गया है, 'अगर सीमा के पार भारत में पाकिस्तानी सेना ने हथियार और आतंक फैलाना जारी रखा तो भारतीय पीएम का रुख बिल्कुल न्यायसंगत माना जाएगा।' अखबार लिखता है कि आतंकवाद पर भारत का रुख हमेशा से उच्च नैतिक मापदंडों वाला रहा है पर पिछली कांग्रेस और बीजेपी की सरकारें इसे स्पष्ट रूप से कभी सख्ती से लागू नहीं कर पाईं।
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सैन्य कार्रवाई न करने के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले की तारीफ
नरेंद्र मोदी
- फोटो : getty
अखबार ने सैन्य कार्रवाई न करने के प्रधानमंत्री मोदी के फैसले की तारीफ की। लेख कहता है, 'भारतीय पीएम ने सैन्य कार्रवाई के खतरों को समझा है और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला किया। वह 1960 का सिंधु जल समझौता रद्द करने पर विचार कर रहा है। साथ ही वह पाकिस्तान को 1996 में दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे को भी छीन सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान ने अभी तक भारत को यह दर्जा नहीं दिया है।'
अखबार में यह लेख स्टिमन सेंटर के साउथ एशिया प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर समीर ललवानी ने लिखा है।
अखबार में यह लेख स्टिमन सेंटर के साउथ एशिया प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर समीर ललवानी ने लिखा है।