फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pahalgam: Enemies are not well; Indian Army gets Russian origin Igla-S missile, preparations to buy 90 more

Pahalgam Attack: दुश्मनों की खैर नहीं; भारतीय सेना को मिली रूसी मूल की इग्ला-एस मिसाइल, 90 और खरीदने की तैयारी

Sun, 04 May 2025 12:36 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sun, 04 May 2025 12:36 PM IST
सार

कम दूरी की वायु सुरक्षा प्रणालियां भारतीय सेना के वायु रक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देती हैं। इसमें इग्ला एस मिसाइल भी शामिल हैं। इसके साथ ही भारतीय सेना ने 48 लॉन्चर तथा 90 कम दूरी की वायु सुरक्षा मिसाइलें (VSHORADS) खरीदने के लिए निविदा भी जारी की है।

विज्ञापन
Pahalgam: Enemies are not well; Indian Army gets Russian origin Igla-S missile, preparations to buy 90 more
इग्ला एस मिसाइल। - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के दुश्मनों की अब खैर नहीं है। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के बीच भारतीय सेना की क्षमता में इजाफा हुआ है। सेना को रूसी मूल की इग्ला एस मिसाइलें मिली हैं। कंधे पर रखकर वार करने वाली यह मिसाइल दुश्मन को नेस्तनाबूद कर देगी। इसके अलावा 90 और मिसाइल खरीदने की तैयारी हो रही है।
विज्ञापन


कम दूरी की वायु सुरक्षा प्रणालियां भारतीय सेना की वायु रक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देती हैं। रक्षा सूत्रों ने बताया कि इग्ला-एस वायु रक्षा मिसाइलों की नई आपूर्ति कुछ सप्ताह पहले भारतीय सेना को हुई है। इन मिसाइलों को  सीमाओं पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन से खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को दिया जा रहा है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: भारत में इमरान खान, बिलावल भुट्टो के 'एक्स' अकाउंट ब्लॉक; पहलगाम हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच फैसला
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा बलों ने आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत विभिन्न अनुबंध किए हैं। करीब 260 करोड़ रुपये के इस अनुबंध से पश्चिमी क्षेत्र में वायु रक्षा बलों की ताकत बढ़ने की उम्मीद है। इस अनुबंध में इन्फ्रा रेड सेंसर आधारित कम दूरी की वायु सुरक्षा प्रणालियां शामिल हैं।  इग्ला-एस मिसाइलों की आपूर्ति के साथ ही भारतीय सेना ने 48 लाॅन्चर तथा लगभग 90 कम दूरी की वायु सुरक्षा प्रणालियां (VSHORADS) मिसाइलें खरीदने के लिए निविदा भी जारी की है। इसके अलावा पुरानी मिसाइलों को एक भारतीय फर्म द्वारा नवीनीकृत किया जा रहा है।  इग्ला-एस मिसाइलें 1990 के दशक से प्रयोग में है।

ये भी पढ़ें: अपने ही जाल में फंसा पाकिस्तान, भारत के खिलाफ झूठ फैलाने की बेशर्म कोशिश बेनकाब

पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी तैयारी
भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए बड़ी संख्या में मिसाइलों के साथ ड्रोन का पता लगाने और उसे नष्ट करने की क्षमताओं की भी आवश्यकता है। सेना ने स्वदेशी एकीकृत ड्रोन डिटेक्शन और इंटरडिक्शन सिस्टम के मार्क 1 को भी तैनात किया है। यह आठ किलोमीटर से अधिक दूरी से ड्रोन का पता लगा सकता है और उन्हें रोक सकता है। इस सिस्टम में लेजर भी लगे हैं जो ड्रोन को जलाकर गिरा सकते हैं। सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने हाल ही में जम्मू में इस सिस्टम का उपयोग करके पाकिस्तानी सेना के एक ड्रोन को मार गिराया था।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed