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सियासत: ऑक्सीजन सप्लायर्स बोले- आंदोलन ने रोका रास्ता, ड्राइवर ने कहा- किसानों ने तो मदद की

Wed, 21 Apr 2021 12:30 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 21 Apr 2021 12:30 PM IST
सार

दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के चलते ऑक्सीजन टैंकरों को कई घंटों तक जाम में फंसा रहना पड़ता है। ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियों ने इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

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oxygen supplier writes to central govt tankers delayed due to roadblocks by protestors
ऑक्सीजन टैंकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसान आंदोलन के चलते ऑक्सीजन से भरे टैंकरों को पहुंचने में देरी होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है किसान आंदोलन के चलते ऑक्सीजन टैंकर देर से पहुंच रहा है। वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। दरअसल, भाजपा सासंद प्रवेश वर्मा ने मंगलवार रात को आरोप लगाया कि दिल्ली में मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई किसानों द्वारा सड़क जाम कर दिए जाने के कारण प्रभावित हुई है। हालांकि टैंकर चालक की मानें तो किसानों की तत्परता से जल्द ही सड़कें खाली कराकर ऑक्सीजन टैंकर को रवाना किया गया। जाम नहीं मिलने के कारण 2-3 घंटे पहले ऑक्सीजन टैंकर दिश की राजधानी दिल्ली में पहुंच गया। ऑक्सीजन टैंकर चालक ने बताया कि गाजिपुर बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है, लेकिन ऑक्सीजन टैंकर को देखते ही किसान भाइयों ने जल्दी से रास्ता खाली करवा दिया।  मीडिया सूत्रों के मुताबिक दिल्ली स्थित बालाजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, आनन-फानन में उत्तर प्रदेश के प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। सोमवार की रात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दो ऑक्सीजन टैंकरों (19,500 लीटर तरल ऑक्सीजन) को पश्चिम  विहार स्थित बालाजी अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि ट्रैफिक जाम के कारण बॉर्डर पर ऑक्सीजन के टैंकर फंसे हुए थे। लेकिन ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इसे वहां से निकाला गया। 

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किसानों के खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा
किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि आंदोलन के पहले दिन से ही उन्होंने आपात सेवाओं के लिए एक तरफ का रास्ता खुला छोड़ रखा है। एक भी एंबुलेंस या जरूरी वस्तु सेवा को नहीं रोका गया है । किसानों के विरूद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा है कि उन्होंने सड़कें जाम कर रखी है। बल्कि केंद्र सरकार ने सड़कों पर बैरीकेडिंग (कील) लगा दिए हैं । किसान मानवाधिाकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और वे हर मानव के अधिकार का समर्थन करते हैं।’’
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कंपनियों ने केंद्र को लिखा पत्र
हालांकि गैस सप्लायर्स  किसान आंदोलन के चलते दो से तीन घंटे का समय बर्बाद होने का दावा कर रहे हैं। दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन की ओर से ऑक्सीजन टैंकरों को रास्ता नहीं मिलता। जिससे यहां तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियों ने इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनियों ने कहा कि अगर रास्ता खुला मिले तो कम समय में दिल्ली में ऑक्सीजन से भरे टैंकर पहुंच जाएंगे।  
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  ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग
गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गई है, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार से मदद की मांग की थी। लेकिन दिल्ली और आसपास में चल रहे किसान आंदोलनों की वजह से गैस ऑपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर किसान आंदोलन को समर्थन करने का आरोप लग रहा है। इनबॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पानीपत स्थित ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है, लेकिन दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के कारण टैंकरों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। कंपनी ने सरकार से यहां पर ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग की है। 

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