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चिंताजनक: 2023 में फेंके गए कचरे में सिर्फ 17.4 फीसदी किया उपचारित, 6.13 करोड़ टन ई-कचरा सेहत के लिए घातक
Wed, 16 Oct 2024 04:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 16 Oct 2024 04:02 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेंके गए कचरे का मात्र 17.4 फीसदी ठीक से एकत्र, उपचारित और पुनर्चक्रित किया गया। शेष 5.06 करोड़ टन कचरे को या तो लैंडफिल में डाल दिया गया या जला दिया गया। इस कचरे में हानिकारक पदार्थ और कीमती सामग्री का मिश्रण भी शामिल है, जो पर्यावरण व सेहत के लिए घातक हो सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
2023 में दुनियाभर में प्रति व्यक्ति आठ किलो ई-कचरा उत्पन्न हुआ। यानी एक साल में 6.13 करोड़ टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा फेंका गया। यह चीन की सबसे बड़ी दीवार के वजन से भी अधिक है।
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संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेंके गए कचरे का मात्र 17.4 फीसदी ठीक से एकत्र, उपचारित और पुनर्चक्रित किया गया। शेष 5.06 करोड़ टन कचरे को या तो लैंडफिल में डाल दिया गया या जला दिया गया। इस कचरे में हानिकारक पदार्थ और कीमती सामग्री का मिश्रण भी शामिल है, जो पर्यावरण व सेहत के लिए घातक हो सकता है। यूरोप ई-कचरा रिसाइक्लिंग में दुनिया में सबसे आगे है यहां 2023 में सिर्फ 54 फीसदी कचरा एकत्र और रिसाइकल किया गया है। इस कचरे में सोना, चांदी और तांबा जैसे मूल्यवान तत्व भी होते हैं। यह पर्यावरण के हिसाब से अनुकूल और नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं। जब ई-कचरे को ठीक से रिसाइकल नहीं किया जाता है तो ये मूल्यवान सामग्रियां नष्ट हो जाती हैं।
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2024 की थीम को सार्थक करना बहुत जरूरी
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपशिष्ट (डब्ल्यूईईई) फोरम के अनुसार, साल 2024 की थीम ई-कचरे की खोज अभियान में शामिल हों, रिसाइकल करें और दोबारा उपयोग करें को सार्थक करना दुनियाभर के हित में होगा। ई-कचरा प्रबंधन के जरिये हर कोई प्रदूषण में कमी, संसाधन संरक्षण और ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) के उत्सर्जन पर लगाम लगा सकता है।
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इस थीम को तय करने का उद्देश्य ई-कचरे को कम करने और रीसायकल करने के बारे में लोगों में जागरूकता और समझ बढ़ाना है, ताकि दुनियाभर के लोगों और कंपनियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए और अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित करता है कचरा
लैंडफिल में ई-कचरा डालना या जलाना कई पर्यावरणीय और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। लैंडफिल साइटों में फेंके गए ज्यादातर कचरे को विघटित होने में कई साल लग जाते हैं। लैंडफिल में कचरा सड़ने पर यह विषाक्त पदार्थ छोड़ता है और लीचेट बनाता है जो भूमि और पानी को प्रदूषित करता है। ये पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित करते हैं और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरे पैदा करते हैं। लैंडफिल ग्रीनहाउस गैस मीथेन भी छोड़ता है। ई-कचरे में कई खतरनाक पदार्थ होते हैं। जैसे कि सीसा, पारा और कैडमियम, जो गर्भावस्था, शैशवावस्था, बचपन और किशोरावस्था में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के विकास को बाधित करते हैं।