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भाजपा के लिए आसान नहीं है परिकर का विकल्प ढूंढना, किसी और नाम पर सहयोगियों को मनाना होगा मुश्किल

Mon, 17 Sep 2018 04:42 AM IST
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Updated Mon, 17 Sep 2018 04:42 AM IST
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option of parikar is not easy for bjp
मनोहर परिकर

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के खराब स्वास्थ्य और खुद नया नेतृत्व ढूंढने के अनुरोध के बाद भाजपा नेतृत्व ने इस दिशा में आगे बढ़ने का सिलसिला तो शुरू किया है, मगर यह इतना आसान नहीं है। पार्टी नेतृत्व के लिए परिकर की जगह किसी अन्य नाम पर सहयोगियों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं है। 

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दरअसल बीते विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्रवादी गोमांतक पाटी (एमजीपी), गोवा फारवर्ड ब्लॉक (जीएफबी) और निर्दलीय विधायक परिकर के नेतृत्व की शर्त पर ही समर्थन के लिए राजी हुए थे। हालांकि परिकर के कुर्सी छोड़ने के अनुरोध के बाद नेतृत्व अपने पर्यवेक्षकों के माध्यम से सहयोगियों दलों से वार्ता कर बीच का रास्ता निकालने का सिलसिला सोमवार से शुरू करेगा।
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भाजपा के लिए मुश्किल यह है कि सूबे में सरकार की सहयोगी एमजीपी ने परिकर की अनुपस्थिति में सरकार का कार्यभार सबसे वरिष्ठ मंत्री को सौंपने की मांग की है। ऐसा कह कर पार्टी ने सरकार में अपने मंत्री सुदीन धवलीकर के लिए दावा पेश किया है। 
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दूसरी सहयोगी पार्टी जीपीएफ और समर्थक निर्दलीय विधायक फिलहाल चुप हैं। पार्टी नेतृत्व के लिए मुश्किल यह है कि राज्य विधानसभा में सरकार को बेहद मामूली बहुमत हासिल है। ऐसे में अगर एक भी दल ने सरकार से दूरी बनाई तो भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।


उधर भाजपा सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व को बीच का रास्ता निकलने की उम्मीद है। सोमवार से जब संगठन महासचिव रामलाल और बीएल संतोष सहयोगियों से बातचीत का सिलसिला शुरू करेंगे तो कोई रोडमैप निकल आएगा। जरूरत पड़ने पर एम्स में भर्ती सीएम परिकर की भी सहायता ली जाएगी। पर्यवेक्षक बनाए गए दोनों नेता पहले समर्थन देने वाले दोनों दलों और तीन निर्दलीय विधायकों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी राय जानने के बाद इससे पार्टी नेतृत्व को अवगत कराएंगे। इसके बाद विमर्श का सिलसिला आगे बढ़ेगा।

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