फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Optimising tech in judiciary a strategic move towards democratising access to justice: CJI

CJI: 'न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में तकनीक एक रणनीतिक कदम', बोले न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़

Sat, 06 Jan 2024 07:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 06 Jan 2024 07:39 PM IST
सार

CJI: सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायपालिका के भीतर प्रौद्योगिकी को अपनाना न केवल आधुनिकीकरण के बारे में नहीं है, बल्कि यह न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। 

विज्ञापन
Optimising tech in judiciary a strategic move towards democratising access to justice: CJI
सीजेआई चंद्रचूड़ - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका में तकनीक को शामिल करना न केवल आधुनिकीकरण के बारे में है, बल्कि न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम भी है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) का इस्तेमाल करने के लिए वकीलों को भी प्रशिक्षित करने की जरूरत है।  

विज्ञापन

यहां एक नए जिला अदालत भवन के उद्घाटन के मौके पर सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रगतियों का लाभ उठाने से अंतर को पाटने, दक्षता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि न्याय वितरण भौगोलिक और तकनीकी बाधाओं से बाधित न हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अदालतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि वे न्याय के अधिकार को हासिल करने में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और एक ऐसे समाज की कल्पना करने में हमारे संविधान के आदर्शों की आधारशिला हैं, जहां प्रत्येक नागरिक को न्याय का अधिकार सुनिश्चित किया जाता है। राजकोट में नए जिला अदालत भवन के बारे में बात करते हुए उन्होंने आधुनिक ऑडियो-वीडियो उपकरणों और प्रणालियों से लैस एक सम्मेलन कक्ष (कॉन्फ्रेंस रूम) और एक प्रशिक्षण कक्ष (ट्रेनिंग रूम) को दूरंदेशी सुविधा बताया। 

विज्ञापन

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, यह सर्वोच्च न्यायालय के अदालत कक्ष (कोर्ट रूम) में लागू हाइब्रिड और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम के साथ मेल खाता है। जिसमें बदलते समय के साथ न्याय के त्वरित वितरण के लिए प्रौद्योकियों का लाभ उठाया जाता है।

उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका के भीतर प्रौद्योगिकी को अपनाना न केवल आधुनिकीकरण के बारे में नहीं है, बल्कि यह न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। हमारा उद्देश्य इनका लाभ उठाकर अंतर को पाटना, दक्षता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि न्याय वितरण भौगोलिक और तकनीकी बाधाओं से बाधित न हो।'

उन्होंने मुख्य जिला न्यायाधीश से यह सुनिश्चित करने की भी अपील की कि वकीलों को प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में प्रशिक्षित किया जाए और उस पहलू में उन्हें न्यायाधीशों से अलग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय हितधारकों के लिए नवीनतम तकनीक और सुविधाओं से लैस 27 अदालत कक्षों के साथ अपने नए भविष्य के भवन के निर्माण की शुरुआत करने वाला है।

उन्होंने मुख्य जिला न्यायाधीश से यह सुनिश्चित करने की भी अपील की कि वकीलों को प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में प्रशिक्षित किया जाए और उस पहलू में उन्हें न्यायाधीशों से अलग नहीं किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed