ऑपरेशन गंगा: 80 उड़ानें और 24 मंत्री, यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए यह है केंद्र की तैयारी
सरकार ने 26 फरवरी को ऑपरेशन गंगा शुरू किया था। इसके तहत दो मार्च तक 24 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। पहली फ्लाइट 26 फरवरी को भारत पहुंची थी।
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यूक्रेन में रूस के हमलों के बीच भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चला रहा है। यूक्रेन में भारतीय नागरिकों को सकुशल वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने निकासी अभियान को और तेज करने के लिए कमर कस ली है। सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत करीब 80 उड़ानों को मोर्चे में उतार दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने अपने दो दर्जन मंत्रियों को भी बिना किसी लापरवाही के हालात पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
इस तरह से चलाया अभियान
- सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए निकासी अभियान को तेज कर दिया है। ज्यादा से ज्यादार संख्या में भारतीयों को वापस लाने के लिए उड़ानों की संख्या को भी बढ़ा दिया गया है। 10 मार्च तक उड़ानों की संख्या को 80 तक कर दिया जाएगा। यह उड़ानें एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा, गो एयर और वायु सेना के दो विमानों की मदद ली जाएगी।
- उड़ानों की बात करें तो रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से 35 उड़ानों के जरिए भारतीयों को वापस लाने की योजना है। इनमें एयर इंडिया की 14, एयर इंडिया एक्सप्रेस की आठ, इंडिगो की सात, विस्तारा की तीन और स्पाइसजेट की एक उड़ान शामिल है। वायु सेना के दो विमानों की मदद भी रोमानिया से भारतीयों को वापस लाने के लिए ली जाएगी।
- इसके अलावा हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से कुल 28 उड़ानें निर्धारित की गई हैं। इनमें गो एयर की 15, इंडिगो की 9, एयर इंडिया की दो और स्पाइसजेट की एक उड़ान की शामिल है। वायु सेना का एक विमान यहां भी ऑपरेशन गंगा का हिस्सा होगा।
- इसी तरह कुल नौ विमान रजेस्जॉ, पोलैंड से रवाना किए जाएंगे। इसमें आठ इंडिगो और एक वायु सेना का विमान शामिल है। इसके अलावा पांच विमान रोमानिया से और तीन विमान स्लोवाकिया से उड़ान भरेंगी।
26 फरवरी को शुरू हुआ अभियान
दरअसल, सरकार ने 26 फरवरी को ऑपरेशन गंगा शुरू किया था। इसके तहत दो मार्च तक 24 उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। पहली फ्लाइट 26 फरवरी को भारत पहुंची थी। इसमें मौजूद भारतीयों का स्वागत केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया था। इसके बाद मोदी सरकार ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा था। इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, हरदीप सिंह पुरी, किरने रिजिजू और वीके सिंह को हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड रवाना कर दिया था।
मोदी सरकार ने सुचारू निकासी की निगरानी के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड से आने वाले भारतीयों को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डे पर रिसीव करने के लिए अन्य मंत्रियों को भी शामिल किया है। इसमें जितेंद्र सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, राव इंद्रजीत सिंह, नारायण राणे, जी किशन रेड्डी, कैलाश चौधरी, पुरुषोत्तम रूपाला, भगवंत खुबा, वीरेंद्र कुमार, मीनाक्षी लेखी, वी. मुरलीधरन, भागवत कराड़, निसिथ प्रमाणिक, शांतनु ठाकुर, राव साहब दानवे , दर्शन जरदोश, देवुसिंह चौहान, भारती प्रवीण पवार, साध्वी निरंजन ज्योति, भानु प्रताप सिंह वर्मा, सुभाष सरकार, कपिल पाटिल शामिल हैं।