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Operation Dost: भारतीय सेना के डॉक्टर ने विकसित किया फिक्सेटर, तुर्किये-सीरिया में इलाज में हो रहा इस्तेमाल

Mon, 13 Feb 2023 01:04 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 13 Feb 2023 01:04 AM IST
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सार
कर्नल विजय पांडे ने कहा कि नया फिक्सेटर पहले से उपलब्ध समाधानों की तुलना में हल्का और सस्ता है और रोगियों को तेजी से ठीक कर सकता है।
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Operation Dost: Indian Army doctor fixators being used in Turkey and Syria to treat earthquake victims
कर्नल विजय पांडे। - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय सेना के एक डॉक्टर ने हाथ की हड्डी टूटने पर उसके इलाज के लिए एक बाहरी फिक्सेटर विकसित किया है जिसका उपयोग तुर्किये और सीरिया में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि बाहरी फिक्सेटर का उद्देश्य मरीजों को तेजी से ठीक करना है। फिक्सेटर को विकसित करने वाले कर्नल विजय पांडे ने कहा कि यह अन्य उपलब्ध समाधानों से सस्ता है।



उन्होंने कहा कि नया फिक्सेटर पहले से उपलब्ध समाधानों की तुलना में हल्का और सस्ता है और रोगियों को तेजी से ठीक कर सकता है।  कर्नल विजय पांडे ने कहा कि यह बाहरी फिक्सेटर जिसका मैंने आविष्कार किया है, मुख्य रूप से हाथ के इंटरकॉन्डाइलर फ्रैक्चर के लिए है। यह काफी सस्ता है, इसकी कीमत 300 रुपये के आसपास है और इसका वजन करीब पांच ग्राम है। इसे एक सामान्य सर्जन द्वारा आसानी से लगाया जा सकता है।


उन्होंने कहा कि हम पहले ही 100 रोगियों पर इस फिक्सेटर का उपयोग कर चुके हैं और वर्तमान में इसका उपयोग सीरिया और तुर्किये में आए भूकंपों में किया जा रहा है। इस फिक्सेटर से अन्य फिक्सेटरों द्वारा लिए गए छह महीनों की तुलना में केवल एक महीने में 90 फीसदी गतिशीलता प्राप्त कर सकते हैं। भूकंप प्रभावित तुर्किये के अंताक्य में बचाव और खोजी दल लोगों को बचाने के लिए समय के साथ संघर्ष कर रहा है क्योंकि देश में मरने वालों की संख्या 24,617 तक पहुंच गई है। 

संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख ने कहा, यह सदी की सबसे खराब घटना
तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू ने ट्वीट किया, चूंकि मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिणी तुर्किये और उत्तर-पश्चिमी सीरिया में आए शक्तिशाली भूकंपों का वर्णन इस क्षेत्र में एक सदी में होने वाली "सबसे खराब घटना" के रूप में किया है।

इससे पहले रविवार को भारत की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन दोस्त की सातवीं खेप 23 टन से अधिक राहत सामग्री के साथ भूकंप प्रभावित सीरिया पहुंची, जिसे दमिश्क हवाई अड्डे पर स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण उप मंत्री मुताज डौजी ने प्राप्त किया। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, 7वां ऑपरेशन दोस्त विमान 23 टन से अधिक राहत सामग्री के साथ सीरिया पहुंचा, जिसमें जेनसेट, सोलर लैंप, आपातकालीन और महत्वपूर्ण देखभाल की दवाएं और आपदा राहत उपभोग्य वस्तुएं शामिल थीं। राहत सामग्री को दमिश्क हवाई अड्डे पर स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण उप मंत्री मुताज डौजी द्वारा प्राप्त किया गया।

बता दें कि 06 फरवरी को तुर्किये और सीरिया में विनाशकारी भूकंप आया था। भारत ने इस क्षेत्र में विनाशकारी भूकंपों और झटकों के बाद तुर्किये और सीरिया को सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन दोस्त लॉन्च किया था। ऑपरेशन दोस्त के तहत भारत तुर्किये और सीरिया को भारी मात्रा में मानवीय सहायता भेज रहा है। इसके तहत भारत ने शनिवार को सी-17 सैन्य परिवहन विमान से तुर्किये और सीरिया के भूकंप पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक दवाओं और राहत सामग्री की अतिरिक्त खेप भेजी। भारत के ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत राहत सामग्री की यह सातवीं खेप भेजी गई है। 

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