लोकसभा चुनाव तक सोशल मीडिया से फेक न्यूज जैसी बुराई का तोड़ निकाल लेंगे: ओपी रावत
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मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का कहना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सोशल मीडिया में आने वाली फेक न्यूज पर कड़ी नजर रहेगी। इसके लिए आयोग ने अपने अफसरों की एक टीम तैयार की है। यह टीम राज्य एवं जिला स्तर पर लोकल अफसरों के संपर्क में रहेगी। अगर इस बाबत कोई भी शिकायत प्राप्त होती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई होगी।
रावत के मुताबिक, आप यूं समझें कि इन चुनावों में फेक न्यूज रोकने का एक ट्रायल कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव तक इस बुराई का तोड़ निकाल लेंगे। 2019 तक हमारे पास फेक न्यूज को लेकर एक फुल प्रूफ सिस्टम होगा। सोशल मीडिया में दुष्प्रचार पर लगाम लगाने के लिए आम जनता भी चुनाव आयोग की हेल्पलाइन, वेबसाइट एवं चुनाव पर्यवेक्षक के पास सबूत भेज सकती है। आयोग के अफसर खुद भी सोशल मीडिया के ट्रैफिक पर निगाह रखेंगे।
ईवीएम और वीवीपैट, सब नए हैं, कहीं कोई पुरानी मशीन नहीं है: रावत
ओपी रावत ने कहा, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जितनी भी ईवीएम या वीवीपैट इस्तेमाल होंगी, वे सब नई हैं। इनमें एक भी मशीन पुरानी नहीं है। अगर किसी को यह पता चलता है कि कहीं पर कोई ईवीएम पुरानी है तो वह उसका नंबर लिखकर आयोग को शिकायत दे सकता है। उस पर फौरन कार्रवाई होगी। फिलहाल चुनाव आयोग द्वारा फुल प्रूफ ईवीएम मार्क-3 इस्तेमाल की जाएंगी। ये सभी मशीनें ईसीआईएल व भेल द्वारा जांची परखी गई हैं।
ईको-फ्रेंडली प्रचार सामग्री पर जोर...
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे ईको फ्रेंडली चुनाव सामग्री का इस्तेमाल करें। बैनर, होर्डिंग, पार्टी का झंडा या दूसरी कोई अन्य प्रचार सामग्री ऐसी हो, जिसमें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व न हों। इनमें कम से कम प्लास्टिक का इस्तेमाल होना चाहिए।
वोटर जागरूक बनेगा तो वह चुनाव में अवैध शराब और पैसे पर नजर रख सकेगा...
इस बार निर्वाचन आयोग ने चुनाव में अवैध शराब और काले धन पर अंकुश लगाने के लिए लोगों की मदद ली है। आयोग ने ‘जागरूक नागरिक’ को साथ लेकर उन लोगों पर शिकंजा कसने की योजना बनाई है, जो चुनाव में धन बल, बाहुबल या किसी अन्य गैर कानूनी तरीके से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास करते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, कोई भी व्यक्ति इस तरह का कोई वीडियो या फोटो आयोग के पास भेज सकता है। आयोग ऐसे मामलों में एक तय समयावधि के भीतर कार्रवाई करेगा।
खास बात है कि चुनाव आयोग शिकायतकर्ता को उसी तरीके से कार्रवाई रिपोर्ट भी भेज देगा, जिस माध्यम से शिकायत आई थी। इसके अलावा आयकर विभाग, पुलिस, ईडी और एयर इंटेलीजेंस एजेंसियों को भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में गैर कानूनी तरीके से धन के इस्तेमाल पर निगाह रखने के लिए जरूरी हिदायतें जारी कर दी गई हैं।