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नियम :  चिकित्सा आयोग की चेतावनी, जिन मेडिकल कॉलेजों में ब्योरा नहीं होगा ऑनलाइन, लाइसेंस नहीं होगा रिन्यू

Sat, 15 Oct 2022 05:45 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 15 Oct 2022 05:45 AM IST
सार

आयोग ने यह जानकारी सभी राज्यों के चिकित्सा शिक्षा सचिवों को भेज दी है। एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि खासतौर पर निजी क्षेत्र से जुड़े कॉलेजों ने अपने अस्पतालों को ऑनलाइन तकनीक से नहीं जोड़ा है।

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Online registration of patients is mandatory in all medical colleges
Medical college Mandi - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश के मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) शुरू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। एक महीने में चार बार आदेश जारी कर आयोग ने कहा, देश के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों का ऑनलाइन पंजीयन अब अनिवार्य होगा।

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ओपीडी और आईपीडी के अलावा अस्पताल की लैब में होने वाली सभी जांच का ब्यौरा भी ऑनलाइन देना होगा। इतना ही नहीं, आयोग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा ने मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी दी है कि अगर मरीजों का पंजीयन ऑनलाइन नहीं किया जाएगा तो ऐसे कॉलेजों का लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा। यह निर्णय सरकारी और प्राइवेट सभी मेडिकल कॉलेजों पर लागू है। 
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आयोग ने यह जानकारी सभी राज्यों के चिकित्सा शिक्षा सचिवों को भेज दी है। एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि खासतौर पर निजी क्षेत्र से जुड़े कॉलेजों ने अपने अस्पतालों को ऑनलाइन तकनीक से नहीं जोड़ा है। यहां कितने रोगी आते हैं? क्या इलाज होता है? कौन भर्ती होता है और किसकी जांच होती है? इस तरह का कोई भी ब्योरा राष्ट्रीय स्तर पर मौजूद नहीं है। 
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ब्लैक लिस्ट होंगे कॉलेज
जिन मेडिकल कॉलेजों ने अब तक मरीजों का पंजीयन ऑनलाइन नहीं किया है उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। अगले सप्ताह तक अगर ऑनलाइन तकनीक का एपीआई हमसे साझा नहीं किया जाएगा तो उक्त कॉलेजों को ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जाएगा।

ब्योरा ऑनलाइन नहीं तो सीट भी नहीं
आयोग अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने साफ तौर पर कहा है कि अगर मरीजों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं होगा तो उक्त मेडिकल कॉलेज में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर सीटें नहीं बढ़ाई जाएगीं। ऑनलाइन सिस्टम में मरीज की ओपीडी, भर्ती, इमरजेंसी, सर्जरी, लैब जांच, प्रसूति वार्ड, रेडियोलॉजी जांच आदि सभी शामिल हैं।

रैगिंग के लिए संयोजक का देना होगा नाम-पता
आयोग ने एक आदेश में 18 अक्तूबर तक एंटी रैगिंग समिति के संयोजक का नाम, पता, फोन नंबर आदि जानकारी मांगी है। इससे पहले, आयोग ने बीते पांच साल में मेडिकल कॉलेजों में हुईं आत्महत्याएं, रैगिंग का ब्योरा मांगा था। अभी तक 218 कॉलेजों से यह जानकारी मिली है।

अब एमबीबीएस छात्र 13 महीने पढ़ेंगे एनाटॉमी, फिजियोलॉजी-बायोकेमिस्ट्री
अब एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को 13 महीने एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री पढ़ना होगा। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस के लिए इस साल का कोर्स शेड्यूल जारी किया है। इसके अनुसार एमबीबीएस फर्स्ट सेमेस्टर की क्लास 15 नवंबर से शुरू होगी। 15 दिसंबर 2023 तक एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री की क्लास लेंगे। 

इसके बाद पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और फार्माकोलॉजी दूसरे वर्ष में 13 महीने तक पढ़ाया जाएगा। इसकी अवधि 16 दिसंबर 2023 से 15 जनवरी 2025 तक होगी। सप्लीमेंट्री एक महीने के गैप पर होंगे। यानी एमबीबीएस रेगुलर सेमेस्टर एग्जाम खत्म होने के एक महीने बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा ली जाएगी। 


कॉलेजों को निर्देश दिया है कि परीक्षा खत्म होने के 15 दिन बाद रिजल्ट जारी कर दिया जाए। इसके अलावा सेमेस्टर ब्रेक, अवकाश और परीक्षाओं की पूरी जानकारी संबंधित मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी को अपनी वेबसाइट पर देनी होगीं। 

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