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साइबर ब्लैकमेलिंग से बचने और जीविकोपार्जन के लिए डिजिटल साक्षर होंगी एक लाख महिलाएं
Wed, 12 Feb 2020 03:54 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 12 Feb 2020 03:54 AM IST
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स्मृति ईरानी
- फोटो : ANI
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सात राज्यों में एक लाख महिलाओं को डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण देगा। इसका लक्ष्य महिलाओं को साइबर ब्लैकमेलिंग से बचाना, उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग करना, नेट बैंकिंग, तकनीक और आधुनिक कंप्यूटर सेवाओं के इस्तेमाल और जीविका अर्जन करने में दक्षता हासिल करना है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग, फेसबुक और साइबर पीस फाउंडेशन की मदद से होने वाले इस ट्रेनिंग सेशन में तीन चरण होंगे। मंगलवार से इसके पहले चरण का आगाज कर दिया गया है। सात राज्यों के अभियान की शुरुआत लखनऊ से की गई है।
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असम, पश्चिम बंगाल, गुजरात, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में यह कार्यक्रम चलेगा। राष्ट्रीय महिला आयोग इसकी नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है। इसमें पहले देश भर से चुनी गई तीन सौ शिक्षक महिला प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन महिला शिक्षकों की सहायता से राज्यों में महिलाओं को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के लिए एनसीडब्ल्यू की निगरानी में अभियान चलेगा।
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एनसीडब्ल्यू के मुताबिक इस ट्रेनिंग की मदद से महिलाओं को सामान अवसर देने, सोशल कनेक्ट में सहायता मिलेगी। इतना ही नहीं महिलाएं आर्थिक अवसरों को हासिल करने के लिए सक्षम भी बन सकेंगी। इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के तौर इस अभियान की नींव एक साल पहले डाली गई थी। इसके तहत छह राज्यों में करीब एक लाख महिलाओं को डिजिटली साक्षर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था।