Manipur: बंदूकधारियों का शिविर पर हमला, गांव के स्वयंसेवक की मौत; सुरक्षित स्थानों में छिपे महिलाएं और बच्चे
Manipur: एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला शुरू किया। इसके बाद गांव के स्वयंसेवकों ने जवाबी कार्रवाई की। जिसके चलते मुठभेड़ में गांव के एक स्वयंसेवक की जान चली गई और एक अन्य घायल हो गया।
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मणिपुर के कांगपोकली जिले में मंगलवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने गांव के शिविर पर हमला किया। इसमें गांव के एक स्वयंसेवक की मौत हो गई। जबकि, एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
घटना इंफाल पश्चिम जिले से सटे लामशांग इलाके के कदंगबंद गांव के पास हुई। यहां हिंसा के पीड़ितों के लिए एक शिविर बनाया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला शुरू किया। इसके बाद गांव के स्वयंसेवकों ने जवाबी कार्रवाई की। जिसके चलते मुठभेड़ में गांव के एक स्वयंसेवक की जान चली गई और एक अन्य घायल हो गया।
अधिकारी ने बताया, जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर पीछे हट गए और फिर हमला किया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ शुरू होने के बाद कदंगबंद और पड़ोसी कुतुक गांव से कई महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भागकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए इलाके में अतिरिक्त सरक्षा कर्मी भेजे गए हैं। घायल व्यक्ति को इंफाल के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कौट्रुक और कदंगबंद गांव जारी जातीय हिंसा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यहां दो समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच कई बार गोलीबारी हुई है। मणिपुर में जातीय हिंसा पिछले साल मई के महीने से जारी है। हिंसा बहुसंख्यक मैतई और आदिवासी कुकी, नागा समुदाय के बीच हो रही है। मैतई इंफाल घाटी में रहते हैं। जबति कुकी पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।