{"_id":"5c415950bdec22732e1efbe7","slug":"on-ranbir-singh-statement-abdullah-said-compulsion-of-killing-should-not-treated-as-celebration","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना अधिकारी के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा- आतंकियों को मारना उत्सव का कारण नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सेना अधिकारी के बयान पर उमर अब्दुल्ला ने कहा- आतंकियों को मारना उत्सव का कारण नहीं
Fri, 18 Jan 2019 10:12 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 18 Jan 2019 10:12 AM IST
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह
- फोटो : ANI
भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में लाइन ऑफ कंट्रोल पर पांच पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है और कुछ अन्य को घायल किया है। इसपर नॉदर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने गुरुवार को कहा कि यह दिखाता है कि हमारी सेना हमेशा एक कदम आगे रहती है और सीमा पर किसी भी तरह की घटना का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहती है।
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा, 'भारतीय सेना हमेशा पाकिस्तान से एक कदम आगे रहती है और उन्हें मुंहतोड़ जवाब देती है। वायरलेस और इंटरसेप्ट्स दिखाते हैं कि पाकिस्तानी सेना और आतंकियों को हमारी जवाबी कार्रवाई में भारी नुकसान पहुंचा है।' उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब 778 किलोमीटर लंबी एलओसी और 198 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की गई थी। दोनों सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी हुई थी। इसके अलावा स्नाइपर्स का भी इस्तेमाल किया गया था।
विज्ञापन
पिछले साल सीमा पर 1,600 बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया था। यह 2003 के बाद का बहुत बड़ा आंकड़ा था। हाल के दिनों में बीएसएफ के एक असिस्टेंट कमांडर कठुआ जिले में बुधवार को हुए स्नाइपर फायरिंग में शहीद हो गए थे। वहीं भारतीय सेना के जवान जिसमें मेजर भी शामिल हैं, नौशेरा सेक्टर के राजौरी जिले में 11 जनवरी को हुए आईईडी धमाके में शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
रणबीर सिंह ने कहा, 'पाकिस्तान द्वारा आईईडी का प्रयोग करना नई बात नहीं है। समय-समय पर हमारे क्षेत्र में घुसपैठ करने के लिए आईईडी का इस्तेमाल होता रहा है। लेकिन इससे निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। जिसके कारण हम इससे होने वाले नुकसान को कम कर देते हैं। सुरक्षाबलों के लिए साल 2018 काफी अच्छा रहा। 250 से ज्यादा आतंकियों को मारा गया। 54 को जिंदा पकड़ा गया और चार ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया।'
हालांकि लेफ्टिनेंट जनरल के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता उमर अब्दुल्ला ने असहमति जताई है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, 'क्षमा करें मैं आपकी बात से असहमत हूं। अच्छा साल वह होगा जब कोई युवा सेना में भर्ती नहीं होगा, कोई आतंकी मारा नहीं जाएगा और किसी सुरक्षाबल को मुठभेड़ में अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी। लड़ाकों/आतंकवादियों को मारने की मजबूरी को उत्सव मनाने के कारण के तौर पर नहीं माना जाना चाहिए।'
I beg to differ, a great year would be one in which no young man would join militancy, no terrorists would be killed & no security personnel would lose their lives in encounters. The compulsion of killing militants/terrorists shouldn’t be treated as a cause for celebration. https://t.co/PPNGWmrCBy
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) January 17, 2019