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नेपाल में आज भी धड़ल्ले से चलते हैं 500 और 1000 के पुराने नोट

Thu, 15 Mar 2018 09:52 PM IST
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 15 Mar 2018 09:52 PM IST
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Old Indian Currency of 500 and 1000 notes use in Nepal

नीचे पिछले दिनों की चंद सुर्खियां हैं। पुराने 500 और 1000 के नोटों को प्रतिबंधित करने के सवा साल बाद भी आखिर ये कहां से आ रहे हैं और कहां ले जाए जा रहे हैं और क्यों? अभी तक जांच एजेंसियां इनका स्रोत और गंतव्य कुछ भी नहीं बता पा रही हैं। दरअसल, नेपाल ही एकमात्र देश है जहां भारतीय करेंसी को भी मान्यता मिली हुई है। लेकिन दोनों सरकारों के बीच करेंसी एक्सचेंज पर आज तक समझौता नहीं हो पाया है।

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3 मार्च 2018 : गुड़गांव पुलिस ने पचास लाख रुपये के पुराने नोट बरामद किए
17 जनवरी 2018 : कानपुर में 97.7 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी पकड़ी गई
9 दिसंबर 2017 : गुजरात के भरुच में 50 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद
7 नवंबर 2017 : दिल्ली पुलिस ने चार वाहनों से 36 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी पकड़ी

इसलिए जगह-जगह पकड़ी जा रही है पुरानी भारतीय करेंसी

नेपाल से भारत का समझौता नहीं होना है 500-1000 के नोट के चलन की वजह


केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले दिनों कहा था कि नेपाल से भी जल्द ही पुराने नोट वापस मंगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस बारे में एक कमेटी बनाई थी जिसकी रिपोर्ट अभी सरकार को नहीं मिली है। कमेटी को बताना था कि कितनी भारतीय करेंसी अभी भी नेपाल में चल रही है और इसे कैसे बदला जा सकता है जिससे कि सिर्फ वास्तविक करेंसी ही भारत में आए न कि काला धन।
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव (करेंसी) अनुराग अग्रवाल ने अमर उजाला के सवालों के जवाब में कहा, ‘इस पर काम अभी चल रहा है।’ आरबीआई प्रवक्ता ने कई प्रयासों के बाद भी इन सवालों का जवाब नहीं दिया।
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ये हैं गेट वे ऑफ नेपाल

भारत के पांच राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम नेपाल की 730 किलोमीटर की सीमा छूते हैं। सबसे अधिक संवेदनशील जिले बिहार के सीतामढ़ी, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण हैं। तस्करी के लिए ये सभी जिले गेट वे ऑफ नेपाल कहे जाते हैं।

ऐसे होता है कारोबार

नेपाल के काठमांडू, बीरगंज, पोखरा लेखनाथ, भरतपुर, विराट नगर और ललितपुर बडे़ शहर हैं जहां यह धंधा खूब चल रहा है। नेपाल के कस्बाई शहरों में तो कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर नोट बदले जा रहे हैं। नेपाल कहता है कि भारत को पुराने नोट वापस लेने होंगे और दावा करता है कि पुराने नोट बदलने का धंधा यहां नहीं चल रहा है।

हजार के नोट के बदले मिलते हैं सिर्फ 100 रुपये

नेपाल में यह खेल 90 फीसदी कमीशन पर चल रहा है। यानी एक हजार के नोट के बदले केवल सौ रुपये ही दिए जा रहे हैं। रुपये नेपाली करेंसी में दिए जाते हैं जिसके बदले लोग सामान या सोना खरीद कर भारत ला रहे हैं। वहीं कुछ लोग नोटों के बदले पांच से 10 फीसदी लेकर कैसीनो में खर्च कर देते हैं।


पहले जितनी करेंसी चलन में

केंद्र सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि आरबीआई के पास कितनी पुरानी करेंसी वापस आई है लेकिन आरबीआई के पिछले माह जारी आंकड़ों के अनुसार 23 फरवरी 2018 तक 17.82 लाख करोड़ रुपयों की करेंसी चलन में आ गई है। 8 नवंबर 2016 को पुरानी करेंसी प्रतिबंधित किए जाने तक देश में 17.97 लाख करोड़ रुपये की करेंसी चलन में थी।

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