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ओडिशा: पूर्व मंत्री, दो पूर्व विधायक, कनाडा से लौटे इंजीनियर और रिटायर जवानों तक, दिलचस्प होने वाले हैं पंचायत चुनाव
Thu, 27 Jan 2022 06:13 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 27 Jan 2022 06:13 PM IST
सार
इस बार ओडिशा की पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार की विधायक अंजलि बेहेरा ने धेनकनाल जिले के हिंडोल स्थित गिरिधरप्रसाद ग्राम पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ओडिशा में तीन स्तरी पंचायत चुनावों का एलान हो चुका है। इस बार राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों का दिलचस्प होना तय माना जा रहा है। दरअसल, इसमें राज्य के पूर्व मंत्री से लेकर दो पूर्व विधायक, कनाडा से लौटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डॉक्टर, एमबीए छात्र और पूर्व जवान तक खड़े हो रहे हैं।
इस बार ओडिशा की पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार की विधायक अंजलि बेहेरा ने धेनकनाल जिले के हिंडोल स्थित गिरिधरप्रसाद ग्राम पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वे पहली बार बीजद के टिकट पर साल 2000 में विधायक बनी थीं। इसके बाद 2004 और 2009 में भी जीतने के बाद उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2012 में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
2014 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर हार के बाद बेहेरा भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने पंचायत चुनाव के लिए खड़े होने के अपने फैसले पर कहा, "मेरे पिता त्रिनाथ नाइक एक मंत्री थे। क्योंकि मैं एक राजनीतिक परिवार से आती हूं, इसलिए जीवन में मेरा लक्ष्य लोगों के लिए काम करना है, न कि किसी पद के पीछे भागना। पंचायत समिति के सदस्य पद के लिए लड़ना बुरा नहीं है। मैं हिंडोल ब्लॉक की अध्यक्ष भी बन सकती हूं।"
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भण्डारीपोखरी निर्वाचन क्षेत्र से एक पूर्व विधायक प्रफुल्ल जेना ने भद्रक जिले में जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे चुनाव में प्रत्याशी बनाया है क्योंकि मैं एक अनुशासित सैनिक हूं, मैं जिला परिषद पद के लिए लड़ रहा हूं। मेरा उद्देश्य भद्रक जिले में बीजद को और मजबूत करना है।” कनाडा में काम कर चुके सॉफ्टवेयर इंजीनियर रतिकांत पांडा ने भी बीजद के टिकट पर नवरंगपुर जिले से जिला परिषद चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है।
पांडा ने कहा, “मैंने अपने और परिवार के लिए पैसा कमा लिया है। अब मैं अपने जिले के लोगों की सेवा करना चाहता हूं जिन्हे कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में विकास चाहिए। मुझे लगता है कि मैं तकनीक के प्रयोग से उनकी बेहतर सेवा कर सकता हूं।” इसी प्रकार एक अन्य आईटी पेशेवर संतोष प्रधान पुरी जिले के ब्रह्मगिरि इलाके से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “नौकरी करना मेरे लिए कठिन नहीं है लेकिन लोगों को आत्मनिर्भर बनाना एक चुनौती है जो मैं लेना चाहता हूं।” लिपिका माझी भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में काम करने वाली एक युवा दंत चिकित्सक हैं जिन्होंने नवरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक से जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। इसी प्रकार उत्कल विश्वविद्यालय में एमबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रज्ञा पारमिता जेना ने बालासोर जिले में जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के वास्ते पर्चा दाखिल किया है।
सन 1971 के युद्ध में भाग ले चुके 72 वर्षीय पूर्व सैनिक दुर्योधन मोहंती और सीआरपीएफ के पूर्व जवान जॉर्ज विलियम लुगून भी पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में 16 फरवरी से 24 फरवरी के बीच पांच चरणों में पंचायत चुनाव होने हैं।
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इस बार ओडिशा की पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार की विधायक अंजलि बेहेरा ने धेनकनाल जिले के हिंडोल स्थित गिरिधरप्रसाद ग्राम पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वे पहली बार बीजद के टिकट पर साल 2000 में विधायक बनी थीं। इसके बाद 2004 और 2009 में भी जीतने के बाद उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2012 में पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
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2014 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर हार के बाद बेहेरा भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने पंचायत चुनाव के लिए खड़े होने के अपने फैसले पर कहा, "मेरे पिता त्रिनाथ नाइक एक मंत्री थे। क्योंकि मैं एक राजनीतिक परिवार से आती हूं, इसलिए जीवन में मेरा लक्ष्य लोगों के लिए काम करना है, न कि किसी पद के पीछे भागना। पंचायत समिति के सदस्य पद के लिए लड़ना बुरा नहीं है। मैं हिंडोल ब्लॉक की अध्यक्ष भी बन सकती हूं।"
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भण्डारीपोखरी निर्वाचन क्षेत्र से एक पूर्व विधायक प्रफुल्ल जेना ने भद्रक जिले में जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे चुनाव में प्रत्याशी बनाया है क्योंकि मैं एक अनुशासित सैनिक हूं, मैं जिला परिषद पद के लिए लड़ रहा हूं। मेरा उद्देश्य भद्रक जिले में बीजद को और मजबूत करना है।” कनाडा में काम कर चुके सॉफ्टवेयर इंजीनियर रतिकांत पांडा ने भी बीजद के टिकट पर नवरंगपुर जिले से जिला परिषद चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है।
पांडा ने कहा, “मैंने अपने और परिवार के लिए पैसा कमा लिया है। अब मैं अपने जिले के लोगों की सेवा करना चाहता हूं जिन्हे कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में विकास चाहिए। मुझे लगता है कि मैं तकनीक के प्रयोग से उनकी बेहतर सेवा कर सकता हूं।” इसी प्रकार एक अन्य आईटी पेशेवर संतोष प्रधान पुरी जिले के ब्रह्मगिरि इलाके से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “नौकरी करना मेरे लिए कठिन नहीं है लेकिन लोगों को आत्मनिर्भर बनाना एक चुनौती है जो मैं लेना चाहता हूं।” लिपिका माझी भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में काम करने वाली एक युवा दंत चिकित्सक हैं जिन्होंने नवरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक से जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। इसी प्रकार उत्कल विश्वविद्यालय में एमबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रज्ञा पारमिता जेना ने बालासोर जिले में जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के वास्ते पर्चा दाखिल किया है।
सन 1971 के युद्ध में भाग ले चुके 72 वर्षीय पूर्व सैनिक दुर्योधन मोहंती और सीआरपीएफ के पूर्व जवान जॉर्ज विलियम लुगून भी पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में 16 फरवरी से 24 फरवरी के बीच पांच चरणों में पंचायत चुनाव होने हैं।