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Odisha: राजकीय सम्मान के साथ हुआ दिवंगत मंत्री का अंतिम संस्कार, श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम पटनायक
Mon, 30 Jan 2023 09:15 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 30 Jan 2023 09:15 PM IST
सार
ओडिशा के दिवंगत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास को आज अंतिम श्रद्धांजलि दी जा रही है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी नब दास को उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि दी।
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नब किशोर दास
- फोटो : Social Media
विस्तार
ओडिशा के दिवंगत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास को आज अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी नब दास को उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि दी। बता दें कि झारसुगुड़ा जिले में एक पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारे जाने के बाद मंत्री नब दास की रविवार को एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दिवंगत मंत्री का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरे राज्य में 31 जनवरी तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम भी नहीं होगा। वहीं इस दौरान भुवनेश्वर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
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रविवार दोपहर एक बजे मारी गई थी गोली
बता दें कि 60 वर्षीय मंत्री को रविवार दोपहर करीब 1 बजे ब्रजराजनगर शहर में सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (एएसआई) गोपाल दास ने गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें झारसुगड़ा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकेन स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर ले जाया गया जहां अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने मंत्री का ऑपरेशन किया, लेकिन अंत में उन्होंने दम तोड़ दिया।
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ASI गोपाल कृष्ण दास बर्खास्त
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी एएसआई गोपाल कृष्ण दास की एक नौ एमएम पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और एक मोबाइल हैंडसेट जब्त किया है। आग्नेयास्त्रों और गोला बारूद को बैलिस्टिक परीक्षण और राय के लिए भेजा जाएगा। अपराध शाखा के मुताबिक, आरोपी एएसआई पुलिस हिरासत में है और उसे आगे के पुलिस रिमांड के लिए अदालत भेजा जाएगा। मामले की जांच जारी है। इस बीच SP झारसुगुड़ा राहुल जैन ने बताया कि ASI गोपाल कृष्ण दास को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
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आरोपी ने जुर्म कबूला
क्राइम ब्रांच के एडीजी अरुण बोथरा ने बताया कि आरोपी (गोपाल दास) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फॉरेंसिक और साइबर एक्सपर्ट को जांच के लिए बुलाया गया है। हम कोशिश करेंगे कि आरोपियों को ज्यादा से ज्यादा सजा मिले।
ओडिशा CMO के मुताबिक, जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए, ओडिशा सरकार ने उड़ीसा उच्च न्यायालय से स्वास्थ्य मंत्री नाबा किशोर दास की हत्या की अपराध शाखा की जांच की निगरानी के लिए एक वर्तमान/ सेवानिवृत्त HC न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश के लिए अनुरोध किया गया है क्योंकि आरोपी एक पुलिस अधिकारी है।
नब दास ओडिशा के प्रभावशाली नेताओं में से एक थे
बता दें कि ओडिशा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले नब दास की गिनती नवीन पटनायक के बेहद करीबी और उनकी सरकार के सबसे अमीर मंत्रियों में होती है। बीजद में शामिल होने से पहले वे कांग्रेस में थे और वे उन चंद कांग्रेसी नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने लगभग दो दशक तक नवीन पटनायक की लहर का ना केवल सामना किया था बल्कि बीजद उम्मीदवारों को हराया भी था।
छात्र राजनीति से की थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
ओडिशा के दिवंगत मंत्री नब दास विधि स्नातक थे। अपने कॉलेज के दिनों से ही उनकी राजनीति में अच्छी खासी रुचि थी। वे पश्चिमी ओडिशा के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक संबलपुर के गंगाधर मेहर कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए थे। ओपीसीसी का सदस्य बनने से पहले वह ओडिशा एनएसयूआई और फिर ओडिशा यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने। पिछले दो दशकों में वे एआईसीसी सदस्य और ओपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्षों भी रहे थे। नब दास की गिनती ओडिशा कांग्रेस के बड़े नेताओं में होती थी। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से किनारा कर लिया था।
कांग्रेस के टिकट पर पहली बार बने थे विधायक
नब किशोर दास ने साल 2009 में बीजद उम्मीदवार किशोर कुमार मोहंती को हराकर कांग्रेस के टिकट पर झारसुगुड़ा से अपना पहला चुनाव जीता था। इसके बाद मोहंती को दोबारा हराकर वे 2014 में फिर से झारसुगुड़ा से चुने गए। हालांकि, इसके 5 साल बाद उन्होंने बीजद में शामिल होने का फैसला किया। अपने फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए नब दास साल 2019 में बीजद में शामिल हो गए थे। ऐसा कहा जाता है कि बीजद में जाने से पहले उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा था कि उनके लोग चाहते हैं कि वे नवीन पटनायक के साथ रहें।