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ओडिशा: पूंछ के साथ पैदा हुआ नवजात, सर्जरी के बाद हटाने में मिली कामयाबी
Thu, 13 Jan 2022 10:50 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुबनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुबनेश्वर
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 13 Jan 2022 10:50 PM IST
सार
मानव पूंछ एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है और दुनिया में अब तक इस तरह के 195 मामले सामने आए हैं। लेकिन एक वास्तविक हड्डी वाली मानव पूंछ बहुत दुर्लभ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
ओडिशा में डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में गड़बड़ी के साथ एक बच्चे के जन्म के बाद उसकी पूंछ (टेल) को ऑपरेशन से हटाने में कामयाबी हासिल की। डॉक्टरों ने दावा किया कि यह वक्ष क्षेत्र में दुनिया की पहली दर्ज की गई बोनी टेल है। एक अन्य न्यूरोसर्जन के साथ सर्जरी करने वाले प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार महापात्रा ने बताया कि भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में 'पूंछ' को हटा दिया गया।
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नवजात शिशु की रीढ़ की हड्डी में विसंगति थी
उन्होंने कहा कि नवजात शिशु की रीढ़ की हड्डी में विसंगति थी और उसकी पीठ के ऊपरी हिस्से में पूंछ थी। कोक्सीजील (टेलबोन) क्षेत्र में एक त्वचीय साइनस गड्ढा था और यह वक्ष क्षेत्र में एक हड्डी वाली मानव पूंछ का एकमात्र सामने आया मामला है।
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प्रो. महापात्रा ने कहा कि गर्भ में अधिकांश नवजातों की एक पूंछ उगती है, जो आठ सप्ताह तक गायब हो जाती है। कभी-कभी हालांकि, भ्रूण की पूंछ गायब नहीं होती है और बच्चा इसके साथ पैदा होता है। मानव पूंछ एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है और दुनिया में अब तक इस तरह के 195 मामले सामने आए हैं। लेकिन एक वास्तविक हड्डी वाली मानव पूंछ बहुत दुर्लभ है और ऐसे 26 मामले सामने आए हैं और वे सभी अनुमस्तिष्क क्षेत्र में रीढ़ के निचले सिरे पर पाए गए हैं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड एसयूएम अस्पताल में न्यूरोसर्जन ने कहा कि इस मामले में हालांकि यह वक्ष क्षेत्र में स्थित था। बच्ची का जन्म पुरी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ है। इसके बाद बच्चे को निजी अस्पताल लाया गया। डॉ. महापात्रा ने न्यूरोसर्जन डॉ. रामचंद्र देव के साथ मिलकर पूंछ को हटाने के लिए एक सर्जरी की।