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Gruesome Muder: तांत्रिक क्रिया के लिए कर दी बच्चे की हत्या, घर से मिली थीं हड्डियां, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
Tue, 31 May 2022 11:11 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जाजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जाजपुर
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 31 May 2022 11:11 PM IST
सार
बारिक ने 26 फरवरी 2015 को राजेंद्रपुर गांव के निवासी अभिषेक नायक की हत्या कर दी थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
ओडिशा में जाजपुर जिले की एक अदालत ने तांत्रिक क्रिया के लिए आठ वर्षीय बच्चे की हत्या करने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने दोषी दीपक बारिक पर 35,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बारिक ने 26 फरवरी 2015 को राजेंद्रपुर गांव के निवासी अभिषेक नायक की हत्या कर दी थी। उस दिन कुआखिया प्रखंड के राजेंद्रपुर गांव में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने बारिक और नायक को लोगों को खाना खिलाने में सहायता करते देखा था लेकिन कुछ देर बाद दोनों लापता हो गए। नायक के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने शाम को उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। बारिक भी अपने घर से गायब था।
नायक का शव अगले दिन सुबह गांव के बाहरी हिस्से में स्थित मंदिर के पास वाले तालाब में तैरता मिला। बच्चे के गले में माला लिपटी हुई थी और उसके माथे पर सिंदूर लगा था। शिकायत के बाद पुलिस ने बारिक के घर पर छापेमारी की, जहां से मानव हड्डियां और तांत्रिक क्रिया से जुड़ी किताबें बरामद की गईं। अतिरिक्त लोक अभियोजक राजेंद्र नायक ने बताया कि अदालत ने मामले में 24 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
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बारिक ने 26 फरवरी 2015 को राजेंद्रपुर गांव के निवासी अभिषेक नायक की हत्या कर दी थी। उस दिन कुआखिया प्रखंड के राजेंद्रपुर गांव में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने बारिक और नायक को लोगों को खाना खिलाने में सहायता करते देखा था लेकिन कुछ देर बाद दोनों लापता हो गए। नायक के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने शाम को उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। बारिक भी अपने घर से गायब था।
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नायक का शव अगले दिन सुबह गांव के बाहरी हिस्से में स्थित मंदिर के पास वाले तालाब में तैरता मिला। बच्चे के गले में माला लिपटी हुई थी और उसके माथे पर सिंदूर लगा था। शिकायत के बाद पुलिस ने बारिक के घर पर छापेमारी की, जहां से मानव हड्डियां और तांत्रिक क्रिया से जुड़ी किताबें बरामद की गईं। अतिरिक्त लोक अभियोजक राजेंद्र नायक ने बताया कि अदालत ने मामले में 24 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
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