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अब स्नातक में सबको पढ़ना होगा पर्यावरण विज्ञान
Wed, 15 May 2019 04:37 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Wed, 15 May 2019 04:37 AM IST
सार
- -सभी प्रोग्राम के छात्रों को छह महीने करनी होगी ‘कोर मॉड्यूल’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई
- -सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यूजीसी ने लिया फैसला
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
देशभर में पहली बार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर पर्यावरण विज्ञान की पढ़ाई अनिवार्य हो गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने वर्ष 2019-20 से पर्यावरण विज्ञान से जुड़े पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कराने का निर्देश दिया है।
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यूजीसी के मुताबिक ऑर्ट्स, कॉमर्स, साइंस, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट समेत अन्य प्रोग्राम के छात्रों को स्नातक में पर्यावरण विज्ञान अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। मंगलवार को यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने देशभर के कुलपतियों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत स्नातक स्तर के छात्रों को पर्यावरण विज्ञान पढ़ाने का फैसला लिया गया है।
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यूजीसी के मुताबिक, सभी स्नातक प्रोग्राम के छात्रों को पर्यावरण विज्ञान में छह महीने ‘कोर मॉड्यूल’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई करनी होगी। यूजीसी ने स्नातक डिग्री प्रोग्राम में पढ़ाया जाने वाला पर्यावरण विज्ञान का पाठ्यक्रम भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इस दौरान छात्रों को कुल आठ यूनिट पढ़ने होंगे। इसमें पर्यावरण विज्ञान की जानकारी, जैव विविधता और संरक्षण, इकोसिस्टम, नैचुरल रिसोर्स -रीन्यूएबल एंड नॉन रीन्यूएबल रिसोर्स, एंवायरमेंटल पॉल्यूशन, एंवायरमेंटल पॉलिसी एंड प्रैक्टिस व फील्ड वर्क शामिल होगा।
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