संपत्ति का पूरा ब्योरा न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या को दिया नोटिस
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अपनी सभी संपत्तियों का खुलासा न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति विजय माल्या को नोटिस जारी किया है। इससे पहले अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत को बताया कि माल्या ने ब्रिटिश कंपनी से मिले 45 मिलियन डॉलर सहित अपनी कई संपत्तियों का खुलासा नहीं किया है।
अटॉर्नी जनरल ने सोमवार को न्यायमूर्ति कूरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की पीठ के समक्ष कहा कि माल्या ने अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि माल्या ने शीर्ष अदालत के उस आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया है, जिसमें उन्हें संपत्तियों का पूरा ब्योरा देने के लिए कहा गया था।
अटॉर्नी जनरल का पक्ष सुनने के बाद पीठ ने माल्या को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अदालत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य बैंकों के एक समूह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें माल्या के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की गुहार लगाई गई थी।
गौरतलब है कि 14 जुलाई को अटॉर्नी जनरल ने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में माल्या ने अपनी संपत्तियों का गलत ब्योरा दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि माल्या ने कई जानकारी छुपा ली है। इनमें 2500 करोड़ का नकद लेन-देन भी है, जिसके बारे में माल्या ने नहीं बताया।
इससे पहले बैंकों के समूह ने यह भी कहा था कि माल्या जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपनी संपत्तियों का सही तरीके से खुलासा नहीं कर रहे हैं। माल्या पर करीब 9400 करोड़ रुपये की देनदारी है।
उधर विजय माल्या का कहना है कि बैंकों को उनके व उनके परिवार की विदेशी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगने का अधिकार नहीं है, क्योंकि वह अप्रवासी भारतीय हैं। साथ ही उनके तीन बच्चे और पत्नी अमेरिकी नागरिक हैं अत: उनकी संपत्तियों का ब्योरा देने के लिए भी वह बाध्य नहीं हैं।