{"_id":"66fa75276d68328cfe06748b","slug":"nobody-got-government-jobs-without-bribe-in-congress-tenure-says-assam-cm-himanta-biswa-sarma-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Assam: 'कांग्रेस शासन में किसी को भी रिश्वत के बिना नौकरी नहीं मिली', सीएम सरमा का बड़ा आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam: 'कांग्रेस शासन में किसी को भी रिश्वत के बिना नौकरी नहीं मिली', सीएम सरमा का बड़ा आरोप
Mon, 30 Sep 2024 03:23 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहटी
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:23 PM IST
सार
हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस सरकार उन लोगों को चुनती थी, जिनसे नौकरी के बदले पैसा ले सकते थे। सीएम सरमा ने आगे कहा कि कांटों भरा युग अब बीत गया।
विज्ञापन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस शासन के दौरान किसी को भी रिश्वत दिए बिना सरकारी नौकरी नहीं मिली। सीएम सरमा ने बताया कि उनका लक्ष्य अपने कार्यकाल में दो लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री सोमवार को एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य में 1.4 लाख युवाओं को नौकरियां मिल चुकी हैं।
सीएम सरमा ने सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासन के दौरान युवाओं को विश्वास नहीं था कि उन्हें रिश्वत दिए बिना सरकारी नौकरी मिलेगी। यहां तक की कम वेतन वाली नौकरियों के लिए भी उन्हें एक करोड़ रुपये तक रिश्वत देनी पड़ती थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस सरकार उन लोगों को चुनती थी, जिनसे नौकरी के बदले पैसा ले सकते थे। सीएम सरमा ने आगे कहा, "कांटों भरा युग अब बीत गया। अब हम बिना रिश्वत लिए पारदर्शी तरीके से भर्ती परिक्षाएं आयोजित करने में सक्षम हैं।" उन्होंने बताया कि उनके लक्ष्य (एक लाख) से ज्यादा 1.4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई है। प्रशासन पर 2026 तक दो लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य बना रहा है।
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किया था वादा
बता दें कि 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने असम में हर साल एक लाख लोगों को नौकरी उपलब्ध कराने का वादा किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान में सुधार करते हुए कहा था कि यह आंकड़ा पांच वर्ष के लिए है। 510 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभिजन (सीएमएएए) के तहत सरमा ने 25,000 से अधिक युवाओं में से प्रत्येक को 75,000 रुपये की पहली किस्त का ट्रांसफर करना शुरू किया, ताकि वे अपना इद्यम शुरू कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम सरमा ने सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस शासन के दौरान युवाओं को विश्वास नहीं था कि उन्हें रिश्वत दिए बिना सरकारी नौकरी मिलेगी। यहां तक की कम वेतन वाली नौकरियों के लिए भी उन्हें एक करोड़ रुपये तक रिश्वत देनी पड़ती थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस सरकार उन लोगों को चुनती थी, जिनसे नौकरी के बदले पैसा ले सकते थे। सीएम सरमा ने आगे कहा, "कांटों भरा युग अब बीत गया। अब हम बिना रिश्वत लिए पारदर्शी तरीके से भर्ती परिक्षाएं आयोजित करने में सक्षम हैं।" उन्होंने बताया कि उनके लक्ष्य (एक लाख) से ज्यादा 1.4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई है। प्रशासन पर 2026 तक दो लाख युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य बना रहा है।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किया था वादा
बता दें कि 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने असम में हर साल एक लाख लोगों को नौकरी उपलब्ध कराने का वादा किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान में सुधार करते हुए कहा था कि यह आंकड़ा पांच वर्ष के लिए है। 510 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभिजन (सीएमएएए) के तहत सरमा ने 25,000 से अधिक युवाओं में से प्रत्येक को 75,000 रुपये की पहली किस्त का ट्रांसफर करना शुरू किया, ताकि वे अपना इद्यम शुरू कर सकें।
विज्ञापन