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पीएम मोदी के सपनों पर लग रहा 'ब्रेक' अधर में लटकीं कई बड़ी योजनाएं 

Tue, 24 Jul 2018 05:59 AM IST
संतोष कुमार, नई दिल्ली 
संतोष कुमार, नई दिल्ली  Updated Tue, 24 Jul 2018 05:59 AM IST
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no progress in the scheme of smart city of 100 cities by modi government
केंद्र सरकार ने 100 शहरों को स्मार्ट बनाने की योजना जोर-शोर से लांच किया था, लेकिन उसमें तीन सालों में खास प्रगति नहीं हुई है। स्मार्ट शहरों के लिये आवंटित रकम में से सिर्फ 1.83 फीसदी का ही इस्तेमाल हुआ है। 
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लोकसभा की शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति ने इस मामले में नाखुशी जाहिर करते हुए मंत्रालय की मंशा पर सवाल खड़े किये हैं। समिति ने कहा कि मंत्रालय इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए गंभीर नहीं है।
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पिनाकी मिश्रा की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने मिशन मोड में चल रहे प्रोजेक्ट की प्रगति का आकलन किया था। इसमें समिति ने पाया कि बजट का काफी कम हिस्सा खर्च हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए जारी 9943.22 करोड़ रुपये में सिर्फ 182.62 करोड़ रुपये ही खर्च हुआ है।
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मंत्रालय ने समिति को बताया कि आवंटन व खर्च सामान्य वित्तीय प्रक्रिया है। यह मिशन के लक्ष्य व मकसद के क्रियान्वयन की प्रगति का सच्चा पैरामीटर नहीं है। समिति ने कहा कि आवंटन व खर्च को पैरामीटर नहीं मानने का दावा करने वाला मंत्रालय यह बताने में विफल रहा कि सही पैरामीटर क्या हो सकता है।   


अन्य मिशन का हाल भी जुदा नहीं

समिति ने पाया कि अन्य योजनाओं की हालत भी बहुत अलग नहीं है। अमृत मिशन पर आवंटन का 28.74 फीसदी खर्च हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना पर 20.78 फीसदी, स्वच्छ भारत मिशन पर 30.01 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है।   
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