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भीमा-कोरेगांव हिंसाः बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी नवलखा को दो दिसंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत
Fri, 15 Nov 2019 05:05 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 15 Nov 2019 05:05 AM IST
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गौतम नवलखा(फाइल फोटो)
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से दो दिसंबर तक अंतरिम राहत दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अदालत में यह फैसला सुनाय। 2018 के कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले में नवलखा ने अदालत से अग्रिम जमानत की मांग की थी जिसपर शुक्रवार को अदालत की तरफ से अंतरिम राहत देने का फैसला किया गया।
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Bhima Koregaon case: Accused Gautam Navlakha granted interim protection from arrest till December 2 by Bombay High Court. pic.twitter.com/pIS46pnFjb
— ANI (@ANI) November 15, 2019
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इससे पहले नवलखा को पिछले साल अगस्त से गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई थी। नवलखा ने तब हाईकोर्ट मे उनके खिलाफ पुणे पुलिस द्वारा लगाए गए मामले खारिज करने की मांग की थी। इस साल सितंबर में हाईकोर्ट की खंड पीठ ने मामलों को खारिज करने से इनकार कर दिया जिसके बाद नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
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शीर्ष कोर्ट ने अंतरिम राहत को 12 नवंबर तक बढ़ाते हुए नवलखा को अग्रिम जमानत के लिए पुणे की संबंधित सत्र न्यायालय में जाने का निर्देश दिया था। 12 नवंबर को पुणे सत्र न्यायालय ने नवलखा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया और शीर्ष कोर्ट से मिली सुरक्षा को बढ़ाने से भी इनकार कर दिया। जिसके बाद नवलखा ने 13 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी।
नवलखा के वकील युग चौधरी ने गुरुवार को जस्टिस नाइक को बताया कि नवलखा को पिछले एक साल से गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है और इससे जांच को किसी तरह का खतरा नहीं हुआ। इस लिए जबतक अग्रिम जमानत पर फैसला नहीं आ जाता उनकी राहत को बढ़ाया जाए।