LS Polls: उप्र में सीट बंटवारे पर कांग्रेस-सपा की बातचीत में कोई निर्णय नहीं, सलमान खुर्शीद ने कही यह बात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सपा और कांग्रेस के नेताओं ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे पर बातचीत की। हालांकि, इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। यह चर्चा कांग्रेस नेता और सीट-बंटवारे समिति के संयोजक मुकुल वासनिक के आवास पर आयोजित की गई थी।
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लोकसभा चुनाव आने वाले हैं। ऐसे में भाजपा के साथ-साथ देश के सभी राजनीतिक दल एक्टिव हो गए। विपक्षी दलों का सबसे बड़ा मुद्दा फिलहाल सीटों का बंटवारा है। इस बीच बुधवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे पर चर्चा की।
मुकुल वासनिक के घर हुई बैठक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सपा और कांग्रेस के नेताओं ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे पर बातचीत की। हालांकि, इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। यह चर्चा कांग्रेस नेता और सीट-बंटवारे समिति के संयोजक मुकुल वासनिक के आवास पर आयोजित की गई थी।
मुझे अच्छे गठबंधन की उम्मीद है
कांग्रेस की ओर से राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश ने हिस्सा लिया, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से राम गोपाल यादव और जावेद अली खान मौजूद थे। खुर्शीद ने बैठक के बाद कहा, अंतिम निर्णय होने तक हम संख्या (सीट-बंटवारे के संदर्भ में) पर कुछ भी नहीं बता सकते। हालांकि, हमने आज बहुत अच्छी चर्चा की और मुझे उत्तर प्रदेश में बहुत अच्छे गठबंधन की उम्मीद है।
बंगाल में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस-टीएमसी में कलह
हाल ही में, बंगाल में भी सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस आपस में भिड़ गई थी। जिसके बाद पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि हम सबसे पुरानी पार्टी हैं। हम सीटों के लिए टीएमसी से कभी भीख नहीं मांगेंगे। चौधरी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार और टीएमसी गठबंधन को मजबूत करने को लेकर गंभीर नहीं है। टीएमसी गठबंधन पर ध्यान देने के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा में व्यस्त है। ममता बनर्जी खुद को ईडी और सीबाआई के चंगुल से बचने के लिए पीएम मोदी की सेवा कर रही हैं। चौधरी का दावा है कि कांग्रेस बंगाल में काफी मजबूत है। हम अधिक सीटें जीत सकते हैं। चौधरी ने ममता बनर्जी को चुनौती दी कि इस लोकसभा में वे बरहामपुर से उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरें।