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1 अप्रैल से एनसीआर में बंद होंगे बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:14 PM IST
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वायु गुणवत्ता को ठीक करने के लिए 1 अप्रैल 2017 से देशभर में वाहनों के लिए मानक 4 लागू हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (ईपीसीए) ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि 1 अप्रैल से किसी भी बीएस-3 वाहनों का पंजीकरण नहीं होना चाहिए। फिलहाल वाहन कंपनियों के आग्रह के बाद ईपीसीए की समीक्षा बैठक में यह तय हुआ है कि 1 अप्रैल से एनसीआर में बीएस-3 वाहनों का पंजीकरण नहीं होगा। इसके बाद देश के अन्य राज्यों में भी शीघ्र बीएस -3 वाहनों के पंजीकरण पर रोक लग जाएगी।
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शुक्रवार को ईपीसीए और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल्स मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की बैठक के बाद यह फैसला हुआ। सियाम ने कहा कि 1 अप्रैल तक उनके 8 लाख 92 हजार बीएस-3 सार्वजनिक वाहन, दो पहिया वाहन और तीन पहिया व व्यावसायिक वाहनों का निर्माण संभावित है। ऐसे में वाहनों का पंजीकरण रुकने से उन्हें बड़ा नुकसान होगा।
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वहीं ईपीसीए ने कहा कि काफी समय से यह बात ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को मालूम है कि 1 अप्रैल, 2017 से बीएस-4 लागू होगा ऐसे में वे क्यों बीएस 3 वाहनों का निर्माण कर रही हैं। ईपीसीए ने सियाम से रिपोर्ट मांगी है कि किन कंपनियों का बीएस-3 वाहनों का स्टॉक 1 अप्रैल तक बचा रहेगा। इसके अलावा सभी राज्यों को लोगों के बीच बीएस 3 वाहन न खरीदने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाने को कहा गया है। वहीं केंद्र सरकार ने तय किया है कि 2020 से वाहनों के लिए उत्सर्जन मानक बीएस 5 के बजाए सीधे बीएस 6 लागू कर दिया जाएगा। इसे पहले 2021 में किया जाना था।
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क्या है उत्सर्जन मानक भारत स्टेज-4
वाहनों से निकलने वाले धुएं से देश वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। दुनियाभर में ईंधन की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। फिलहाल उत्तर भारत के ही राज्यों में वाहनों के लिए उत्सर्जन मानक भारत स्टेज (बीएस) 4 अपनाया जा रहा है। इसका मतलब वाहनों को बेहतर गुणवत्ता वाले ईंधन के लायक अपग्रेड करना होता है। जबकि देश के अन्य हिस्सों में अभी भारत स्टेज-3 का ही चलन है। अब इसे 1 अप्रैल से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
बदरपुर थर्मल पावर प्लांट बंद रहेगा
ईपीसीए के निर्देश पर और मौजूदा वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने बदरपुर थर्मल पावर प्लांट को अगले आदेश तक बंद रखने का एलान किया है। यह फैसला दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के साथ बैठक में लिया। वहीं दिल्ली को पार्किंग नीति लाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ईपीसीए ने सरकार को मार्च तक का समय दिया है।
वायु गुणवत्ता खराब होने पर ऑड-ईवन स्वत: लागू माना जाएगा
समीक्षा बैठक में सीपीसीबी ने बताया कि वायु गुणवत्ता का हाल-चाल बताने के लिए टास्क फोर्स ने काम करना शुरू कर दिया है। 10 दिनों में टास्क फोर्स पहली रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता की स्थिति बताई जाएगी। वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस प्लान लागू होगा। यदि वायु गुणवत्ता लगातार दो दिनों तक बेहद खराब और गंभीर स्थिति में रहती है तो दिल्ली में ऑड-ईवन स्वत: लागू माना जाएगा। वहीं जनरेटर सेट प्रतिबंधित होंगे साथ ही अन्य उपायों को लागू कर दिया जाएगा।
बदरपुर थर्मल पावर प्लांट बंद रहेगा
ईपीसीए के निर्देश पर और मौजूदा वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने बदरपुर थर्मल पावर प्लांट को अगले आदेश तक बंद रखने का एलान किया है। यह फैसला दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के साथ बैठक में लिया। वहीं दिल्ली को पार्किंग नीति लाने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए ईपीसीए ने सरकार को मार्च तक का समय दिया है।
वायु गुणवत्ता खराब होने पर ऑड-ईवन स्वत: लागू माना जाएगा
समीक्षा बैठक में सीपीसीबी ने बताया कि वायु गुणवत्ता का हाल-चाल बताने के लिए टास्क फोर्स ने काम करना शुरू कर दिया है। 10 दिनों में टास्क फोर्स पहली रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता की स्थिति बताई जाएगी। वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस प्लान लागू होगा। यदि वायु गुणवत्ता लगातार दो दिनों तक बेहद खराब और गंभीर स्थिति में रहती है तो दिल्ली में ऑड-ईवन स्वत: लागू माना जाएगा। वहीं जनरेटर सेट प्रतिबंधित होंगे साथ ही अन्य उपायों को लागू कर दिया जाएगा।
यूपी ने वायु गुणवत्ता के लिए उठाए कदम
ईपीसीए की समीक्षा बैठक में यूपी की ओर से पेश अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आदेश का पालन करना शुरू कर दिया है। यूपी ने जानकारी दी कि आदेशों पर मुस्तैदी से अमल के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। यह पोर्टल पासवर्ड के जरिये अधिकारी ही खोल सकेंगे। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
हरियाणा उदासीन, ईपीसीए की खरी-खरी
गुरुग्राम में अभी तक कोई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मौजूद नहीं है। ईपीसीए ने कहा कि सिटी बस चलाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार जल्द से जल्द कदम उठाए। साथ ही हरियाणा की स्टेटस रिपोर्ट से पता चला कि अभी उनकी ओर से वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। ईपीसीए ने सरकार को तत्काल गंभीरता से कदम उठाने को कहा है।
आदेश का पालन नहीं किया तो बंद होंगे ईंट भट्ठे
समीक्षा बैठक में ईपीसीए ने यूपी और हरियाणा से यह फिर दोहराया है कि कार्बन कणों को कम करने के लिए सभी ईंट भट्ठों को अगले ठंड तक अपनी चिमनियां जिग-जैग मॉडल में तैयार करनी होंगी। जो भी यह आदेश का पालन करने में विफल होगा उस ईंट-भट्ठे को बंद कर दिया जाएगा।
हरियाणा उदासीन, ईपीसीए की खरी-खरी
गुरुग्राम में अभी तक कोई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मौजूद नहीं है। ईपीसीए ने कहा कि सिटी बस चलाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार जल्द से जल्द कदम उठाए। साथ ही हरियाणा की स्टेटस रिपोर्ट से पता चला कि अभी उनकी ओर से वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। ईपीसीए ने सरकार को तत्काल गंभीरता से कदम उठाने को कहा है।
आदेश का पालन नहीं किया तो बंद होंगे ईंट भट्ठे
समीक्षा बैठक में ईपीसीए ने यूपी और हरियाणा से यह फिर दोहराया है कि कार्बन कणों को कम करने के लिए सभी ईंट भट्ठों को अगले ठंड तक अपनी चिमनियां जिग-जैग मॉडल में तैयार करनी होंगी। जो भी यह आदेश का पालन करने में विफल होगा उस ईंट-भट्ठे को बंद कर दिया जाएगा।