{"_id":"580161bc4f1c1b210328e1e0","slug":"nitish-again-flays-decision-to-scrap-separate-rail-budget","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम बजट में रेल बजट के विलय पर नीतीश ने फिर उठाया सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आम बजट में रेल बजट के विलय पर नीतीश ने फिर उठाया सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना
Updated Sat, 15 Oct 2016 04:22 AM IST
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nitish kumar
- फोटो : PTI
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर रेल बजट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में नीतीश ने कहा कि रेलवे की स्वतंत्रता अब और कितनी कायम रहेगी यह बता पाना मुश्किल है। नीतीश ने कहा कि रेल बजट का आम बजट में विलय से रेल मंत्रालय की स्वतंत्रता खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एक पूर्व रेलमंत्री होने के नाते मैं ऐसा महसूस करता हूं कि रेलवे अब अपनी योजना पहले की तरह नहीं बना पाएगी।
नीतीश ने इशारों-इशारों में अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वो काम में लगे हुए हैं, जबकि उनके विरोधी के पास कोई काम नहीं है तो प्रचार में लगे हैं। नीतीश ने कहा कि दोनों काम एक साथ संभव नहीं है। अगर आप प्रचार में लग जाएंगे तो फिर काम नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के प्रचार के कारण ही बिहार की अच्छी छवि बाहर नहीं जा पाती है, क्योंकि हमारी सरकार काम में व्यस्त रहती है और प्रचार सही तरीके से नहीं हो पाता है। यह मेरी शुरू से आदत है कि हम लोग मीडिया को फोन नहीं करते। मीडिया बंधुओं जो अच्छा लगता है वो छाप देते हैं। जबकि कुछ लोग क्या-क्या नहीं करते हैैं। मीडिया वालों को फोन पर बोलते हैं कि आप ने नहीं छापा। इतना लंबा बोला आपने तो कुछ छापा ही नहीं।
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नीतीश ने इशारों-इशारों में अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वो काम में लगे हुए हैं, जबकि उनके विरोधी के पास कोई काम नहीं है तो प्रचार में लगे हैं। नीतीश ने कहा कि दोनों काम एक साथ संभव नहीं है। अगर आप प्रचार में लग जाएंगे तो फिर काम नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के प्रचार के कारण ही बिहार की अच्छी छवि बाहर नहीं जा पाती है, क्योंकि हमारी सरकार काम में व्यस्त रहती है और प्रचार सही तरीके से नहीं हो पाता है। यह मेरी शुरू से आदत है कि हम लोग मीडिया को फोन नहीं करते। मीडिया बंधुओं जो अच्छा लगता है वो छाप देते हैं। जबकि कुछ लोग क्या-क्या नहीं करते हैैं। मीडिया वालों को फोन पर बोलते हैं कि आप ने नहीं छापा। इतना लंबा बोला आपने तो कुछ छापा ही नहीं।
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