डॉक्टर कफील ने नकारी यूपी छोड़ने की बात, कहा- केरल में लोगों को मदद करना चाहता हूं
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद डॉक्टर कफील खान चर्चा में आए थे। उन्हें आठ महीने जेल में रहने के बाद कुछ समय पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिली है। अब यह एक बार फिर निपाह वायरस की वजह से चर्चा में हैं। वह केरल जाकर निपाह वायरस की चपेट में आए लोगों की मदद करना चाहते हैं।
डॉक्टर कफील को मदद के लिए खुद केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बुलाया है। यह बात सामने आने के बाद से ही बीआरडी अस्पताल से निलंबित चल रहे डॉक्टर के उत्तर प्रदेश छोड़ने की बात कही जा रही थी। हालांकि उन्होंने यूपी छोड़कर जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि निपाह वायरस की चपेट में आने से नर्स सहित 10 लोगों की मौक हो गई है तो वह चिंतित हो गए।
डॉक्टर कफील ने केरल जाकर मरीजों का इलाज करने का एक प्रस्ताव सीएम विजयन को भेजा जो उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने बताया कि कालीकट मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक उन्हें शाम तक इस संबंध में पत्र भेज देंगे। उन्होंने कहा, 'जब मुझे पता चला कि 10 लोगों सहित एक नर्स की केरल में मौत हो गई है तो मैंने सोचा कि उनकी मदद करनी चाहिए। यूपी सरकार ने अभी तक मेरा निलंबन वापस नहीं लिया है। मैंने अस्पताल से संपर्क किया वह आज उसका जवाब देंगे। मैं गोरखपुर छोड़कर नहीं जा रहा हूं। मैं उनकी मदद करके वापस आ जाउंगा।'
When I came to know 10 people, including, a nurse died in Kerala, I thought to offer help there. Anyway my suspension hasn't been revoked by UP govt yet. I contacted hospital, they'll revert today. Not leaving #Gorakhpur, I'll be back after helping them:Dr Kafeel Khan #NipahVirus pic.twitter.com/Fbz8XwkMPG
— ANI UP (@ANINewsUP) May 23, 2018