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Arunachal Pradesh: निमास ने अरुणाचल में फतह की एक अनाम चोटी, दलाई लामा का नाम देकर किया सम्मान
Wed, 25 Sep 2024 10:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 25 Sep 2024 10:27 PM IST
सार
निमास के डायरेक्टर कर्नल रणवीर सिंह जामवाल ने बताया कि यह चोटी, अपने कठोर भूभाग और मुश्किल हालात के लिए जानी जाती है, जो परम पावन त्सांगयांग ग्यात्सो की बुद्धिमत्ता और उनकी खोज करने की भावना का प्रतीक है।
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NIMAS
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (NIMAS) की एक टीम ने अरुणाचल प्रदेश में तवांग-पश्चिम कामेंग इलाके में स्थित हिमालय के गोरीचेन रेंज में एक अनाम और अनछुई 6383 MSL या 20,942 फीट ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। यह चोटी इस क्षेत्र में तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण थी, और अभी तक किसी भी पर्वतारोही ने इस पर चढ़ाई नहीं की थी। बर्फ की खड़ी दीवारों, खतरनाक दरारों और दो किलोमीटर लंबे ग्लेशियर जैसी कई चुनौतियों को पार करने के बाद, टीम ने परम पावन 6वें दलाई लामा रिग्जेन त्सांगयांग ग्यात्सो के सम्मान में इस चोटी का नाम "त्सांगयांग ग्यात्सो पीक" रखा है।
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निमास के डायरेक्टर कर्नल रणवीर सिंह जामवाल ने बताया कि यह चोटी, अपने कठोर भूभाग और मुश्किल हालात के लिए जानी जाती है, जो परम पावन त्सांगयांग ग्यात्सो की बुद्धिमत्ता और उनकी खोज करने की भावना का प्रतीक है। जिस तरह से उनकी बुद्धिमत्ता कायम है, यह चोटी भी पवित्रता, एकता, साहस और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा प्रतीक बनेगी। उन्होंने बताया कि निमास की टीम के लिए यह अभी तक की सबसे मुश्किल चोटी थी। टीम ने इस दौरान खतरनाक दरारों, बर्फ की खड़ी दीवारों और विपरित मौसम के हालात का सामना किया।
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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस अभूतपूर्व सफलता के लिए निमास की टीम को बधाई दी और 6वें दलाई लामा त्सांगयांग ग्यात्सो के नाम पर शिखर का नाम रखने के लिए आभार जताया। पेमा खांडू ने कहा कि परम पावन त्सांगयांग ग्यात्सो लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों के लिए ज्ञान और सांस्कृतिक गौरव का स्रोत रहे हैं। उनकी शिक्षाएं और दर्शन हमें मार्गदर्शन देते रहेंगे और यह शिखर उनकी चिरस्थायी विरासत का प्रमाण रहेगा।
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संस्थान के डायरेक्टर के मुताबिक निमास ने भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) को इस चढ़ाई और शिखर का नाम दलाई लामा के नाम पर रखने के लिए पहले ही सूचित कर दिया था। शिखर के नामकरण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि "त्सांगयांग ग्यात्सो शिखर" को आधिकारिक मानचित्र पर मान्यता मिले।