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NIA: पुरोहित के खिलाफ हैं सबूत, प्रज्ञा के विरुद्ध नहीं
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:41 AM IST
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वर्ष 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि अभियुक्त लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के खिलाफ कई दोषी ठहराने लायक परिस्थितियां हैं जो साबित करती हैं कि उनकी मामले में गहरी सहभागिता थी।
वहीं मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट द्वारा प्रज्ञा को जमानत देने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है।
पुरोहित ने जमानत के लिए अदालत में हलफनामा दाखिल किया था। जस्टिस आरके अग्रवाल और एमएम शांतनागोदर की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
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एनआईए ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि प्रज्ञा को जमानत देने में हाईकोर्ट ने समता के सिद्धांत की अनदेखी की गई। यहां पर समता का सिद्धांत का लागू नहीं होता क्योंकि पुरोहित के खिलाफ कई दोषी ठहराने लायक परिस्थितियां हैं।
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वहीं मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने बांबे हाईकोर्ट द्वारा प्रज्ञा को जमानत देने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है।
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पुरोहित ने जमानत के लिए अदालत में हलफनामा दाखिल किया था। जस्टिस आरके अग्रवाल और एमएम शांतनागोदर की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
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एनआईए ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि प्रज्ञा को जमानत देने में हाईकोर्ट ने समता के सिद्धांत की अनदेखी की गई। यहां पर समता का सिद्धांत का लागू नहीं होता क्योंकि पुरोहित के खिलाफ कई दोषी ठहराने लायक परिस्थितियां हैं।