कूड़े-कचरे का कुप्रबंधन: एनजीटी ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ प्रशासन से मांगा हलफनामा
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने संघ शासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन, पंजाब और हरियाणा सरकार को शहरों में ठोस कचरे का प्रबंधन न कर पाने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। पीठ ने अपने निर्देश में कहा है कि पंजाब के मोहाली और हरियाणा के पंचकुला व आसपास के इलाकों में प्रतिदिन पैदा होने वाले कचरे, उनके संग्रहण, छंटाई और निष्पादन को लेकर दोनों राज्य के सदस्य सचिव विस्तृत हलफनामा दखिल कर जानकारी दें।
वहीं, पीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन के सदस्य सचिव को भी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने आरडी आनंद के मामले पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि हम कोई आदेश दें इससे पहले तथ्यों का आना जरूरी है। इसलिए पंजाब और हरियाणा दोनों राज्य व चंडीगढ़ प्रशासन हमें संबंधित इलाकों की पूरी तस्वीर हलफनामा दाखिल कर बताएं।
अगली सुनवाई तक विस्तृत हलफनामा दाखिल कर जानकारी दे
पीठ ने सभी से प्लास्टिक व नष्ट न होने वाले कचरे के प्रबंधन व व्यवस्था को लेकर भी जवाब मांगा है। पीठ ने अपने निर्देश में कहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन भी सुखना चौव नाला के बारे में अगली सुनवाई तक विस्तृत हलफनामा दाखिल कर जानकारी दे। इस बीच नाला पूरी तरह साफ हो जाना चाहिए।
वहीं आदेशों के अमल पर एक हलफनामा चंडीगढ़ निगम को भी दाखिल करना होगा। वहीं पीठ ने पर्यावरण मंत्रालय के अधिवक्ता को भी निर्देश दिया है कि वे प्लास्टिक बैग का ऐसा विकल्प बताएं जिससे प्रदूषण बिल्कुल न हो। या फिर उस प्लास्टिक बैग का रिसाइकल किया जा सके।