फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NGT gave last chance to environment ministry for reply

एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रालय को दिया जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका 

Sun, 10 Mar 2019 02:39 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Sun, 10 Mar 2019 02:39 AM IST
विज्ञापन
NGT gave last chance to environment ministry for reply

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से पूछा है कि अन्तर्देशीय जलमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की जरूरत है या नहीं? क्या ऐसी परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन कराया जाना चाहिए? पीठ ने कहा कि इन सवालों पर पर्यावरण मंत्रालय शीघ्र से शीघ्र जवाब दे। यह मंत्रालय के लिए आखिरी मौका होगा। मामले पर 15 मार्च को सुनवाई की जाएगी। 

विज्ञापन


जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याची डॉ भरत झुनझुनवाला के मामले में यह आदेश दिया है। उन्होंने अन्तर्देशीय जलमार्ग परियोजना को बिना पर्यावरण मंजूरी शुरु किए जाने को लेकर आपत्ति उठाई है। पीठ ने कहा कि बीते वर्ष एक नवंबर को अन्तर्देशीय जलमार्ग परियोजना से जुड़े इन सवालों का जवाब मांगा गया था। 
विज्ञापन


इसके बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने 25 फरवरी को भी जवाब देने के लिए मोहलत मांगी थी। अभी तक कोई जवाब मंत्रालय की ओर से दाखिल नहीं किया गया है। यह आख्रिरी मौका होगा कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ट्रिबयूनल में हलफनामा दाखिल कर यह बताएं कि अंन्तर्देशीय जलमार्ग परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी की जरूरत है या नहीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गंगा नदी समेत यमुना में भी जलमार्ग परियोजना को शुरु किया जाना है। आरोप है कि इन जलमार्गों के निर्माण से न सिर्फ नदी का प्रवाह प्रभावित होगा बल्कि जलीय जीवों के लिए भी संकट खड़ा हो जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed